मुख्यमंत्री ने एम्स गोरखपुर में पूर्वी उत्तरप्रदेश एक पहल गोष्ठी का किया श्रीगणेश

 


गोरखपुर 10 दिसम्बर 20
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एम्स में आयोजित ’’स्वस्थ्य पूर्वी उ0प्र0-एक पहल’’ की तीन दिवसीय संगोष्ठी का शुभारम्भ किया। इसके पश्चात उन्होंने ई-आरोग्य ऐप का भी उद्घाटन करते हुए बताया कि इससे पंजीकरण, डिजीटल भुगतान, डिजीटल रिकार्ड आदि के लिए उपयोगी होगा। इसके पश्चात उन्होंने स्मारिका का विमोचन करते हुए एम्स को स्वस्थ्य पूर्वी उ0प्र0 एक पहल, संगोष्ठी को आगे बढ़ाने के कार्य के प्रति अपनी शुभकामनाएं एवं बधाई देते हुए कहा कि एम्स को अपनी भूमिका में आना होगा जिसके लिए जाना जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तारीकरण के प्रति निरन्तर कार्य कर रही है और हेल्थ इन्फ्रास्ट्रकचर को बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश के अन्दर मेडिकल कालेजों की श्रृंखला बढ़ाई जा रही है और गोरखपुर मेडिकल कालेज में पूर्व की अपेक्षा काफी बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध है। यहां नये संस्थान स्थापित हो रहे है, सुपर स्पेसिलिटी ने कोरोना काल खण्ड में अपनी बेहतर सेवाएं प्रदान की है। उन्होंने कहा कि बीमारियों का सबसे बड़ा उपचार बाव होता है, इलाज सकेण्डरी होता है।
मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि इंसेफलाइटिस को प्रदेश सरकार द्वारा नियंत्रित करने हेतु वैक्सीनेशन के साथ ही अन्र्तविभागीय समन्वय बनाकर इसे कन्ट्रोल किया गया है और संबंधित विभागों द्वारा एक अभियान के तहत जुड़कर सबने इसके बेहतर परिणाम दिये है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर घर को शौचालय, शुद्ध पेयजल, साफ सफाई आदि के माध्यम से इंसेफलाइटिस को पूर्ण रूप से नियंत्रित किया गया है, ई.टी.सी. ने अपने बेहतर रोल अदा किये है। प्रदेश सरकार ने जिस तरह इंसेफलाइटिस को नियंत्रित किया है उसी प्रकार कोरोना को भी नियंत्रित किया जायेगा और प्रदेश कोरोना पर अंतिम विजय की ओर अग्रसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीम भावना के साथ जब कार्य किया जाता है तो उसके बेहतर परिणाम निश्चित रूप से परिलक्षित होते है, एम्स को भी इसी भाव के साथ कार्य करना होगा, एम्स से केवल गोरखपुर ही नही बल्कि अन्य जनपद/प्रान्त भी लाभान्वित होंगे। शासन हर स्तर से सहयोग के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि तकनीकी को अपनाने में कोताही न बरती जाये, कोरोना काल ने तकनीकी के प्रति अग्रणी बनाया है। उन्होंने चिकित्सकों से कहा कि वे मरीजों के प्रति भावनात्मक, उदारता एवं संवेदनशील होना चाहिए तभी सफलता सिद्ध होगी। मरीजों को पीड़ा से निजात दिलाना उनका परम कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष तक एम्स को जनता के लिए पूर्ण रूप से समर्पित कर दिया जायेगा।
इस अवसर पर चिकित्सा मंत्री जयप्रकाश सिंह, अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी, आर्थिक सलाहकार मुख्यमंत्री के.वी. राजू, दी0द0उ0गो0वि0वि0 के कुलपति प्रो0 राजेश सिंह, प्राचार्य मंउिकल कालेज डा0 गणेश, आदि उपस्थित रहे। स्वागत एवं अभिनंदन निदेशक एम्स सुलेखा किशोर ने किया।

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