कोरोना स्टेन-2 के मरीजों को लेकर यूपी सरकार के होश उड़े!2500 सेऊपर यात्री उत्तरप्रदेश के विभिन्न जिलों में 2100 केवल लखनऊ में



मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ

उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने विशेष भेंट में बताया कि इंग्लैंड यात्रा से यूपी आये यात्रियों पर सरकार की पैनी नजर है। ऐसे यात्रियों पर जिलेवार प्रशासन की नजर है। बाहर से आये लोगों की लगातार जांच होगी। भारत


सरकार ने राज्य सरकार को जो सूची सौंपी है उसके अनुसार पिछले एक माह में उत्तर प्रदेश के 50 जिलों में लगभग ढाई हजार यात्री आ चुके हैं। 

ऐसे यात्रियों पर पैनी नजर रखने के लिये जिले के उच्य अधिकारियों को राज्य मुख्यालय से विदेश से लौटे यात्रियों का  पासपोर्ट नम्बर भेज दिया गया है। 27 नवंबर से 21 दिसंबर तक उत्तर प्रदेश में लगभग 2500 यात्री विदेश से आये हैं। अकेले जिनमें राजधानी लखनऊ में 2100 यात्री आये हैं।

विदेश से लौटे खास कर यूके से आये सभी यात्रियों की गहन जांच की जा रही है। इन सभी का कोरोना टेस्ट आईसीआरटीसी द्वारा चेक किया जा रहा है। जिनमें लक्षण मिलेगा या किसी भी कारण कोरोना के दूसरे लक्षणों का संदेह होगा उनका सेंपल दिल्ली की प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है। देश मे नये कोरोना टेस्ट के लिये चार लैब चिन्हित किये गये हैं। उत्तर भारत के लोगों का टेस्ट दिल्ली में होगा। यूपी में कोरोना-2 का अभी तक कोई केस नहीं मिला है। 

विदेशों से आकर लगभग 50 जिलों में फैल चुके यात्रियों से रातों रात कंट्रोल रूम से यात्रियों को स्वतः ही दो सप्ताह कोरेन्टी होने का निर्देश दे दिया गया है। स्वास्थ टीम बाहर से आने वाले यात्रियों से संपर्क कर रही है। सर्विलेंस टीम उनका सेम्पल लेकर जांच कर रही है। यदि कोई यात्री स्टेन-2 के लक्षणों से ग्रस्त होगा उसका सेंपल दिल्ली लैब में भेजा जायेगा।

 स्टेन -2 के मरीजों को असोलेशन में डाल कर इलाज किया जायेगा।ऐसे हाईटेक लैब जो स्टेन-2के सैम्पलों की जांच कर सके जल्द ही उसे लखनऊ में स्थापित किया जायेगा। इसके लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना को निर्देशित कर दिया है कि वह जल्द से जल्द सेकेंड स्टेज की जांच कि सुविधा यूपी में उपलब्ध कराने की दिशा में निर्णायक कदम उठाये। 

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