बस्ती सहित पूरे देश की खेल प्रतिभाओ को मिलेगा आगेबढ़ने का अवसर,प्रधानमंत्री, सांसद खेल कुम्भ का हुआ शुभारम्भ! मुख्यमंत्री की उपस्थिति से बढ़ा विश्वास

कौटिल्य वार्ता
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 बस्ती 18 जनवरी 2023 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सांसद खेल महाकुम्भ का दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से शहीद सत्यवान सिंह स्पोर्टस स्टेडियम में बटन दबाकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होेने कहा कि विश्व अब खेलों के क्षेत्र में भी भारत की ताकत को देख रहा है। सांसद खेल प्रतियोगिता से नयी पीढी का भविष्य संवर रहा है। प्रसन्नता की बात है कि आधुनिक युवा खेलों को कैरियर के रूप में अपना रहा है।


उन्होने कहा कि बस्ती महर्षि वशिष्ठ की पावन धरती है। यह श्रम, साधना, तप तथा तपस्या की धरती है। खेलों में भी साधना और तपस्या करके खिलाडी स्वयं को तपाता रहता है। खिलाड़ी का फोकस सटीकता पर रहता है और वह प्रत्येक पड़ाव पर सिद्धि हासिल करता है। उन्होने विश्वास व्यक्त किया कि सांसद महाकुम्भ के माध्यम से भारत में परम्परागत स्थानीय खेलों में खिलाड़ियों को अवसर प्राप्त होंगा। उन्होने बताया कि पिछले वर्ष लगभग 200 संसदीय क्षेत्रों में इस खेल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ था। उनके संसदीय क्षेत्र काशी में भी खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होने कहा कि पहले भारतीय समाज में खेलों को नगण्य समझा जाता था।

युवाओं के दिलों दिमाग में यही भावना भर दी जाती थी। इसलिए वे खेलों को अपने भविष्य और जीवन का हिस्सा नही बनाते थे। इससे देश का बहुत नुकसान हुआ। वर्तमान युवा पीढी ने इस पुरानी सोच को पीछे छोड़ा है। खेलों इण्डिया खेलों तथा फिट इण्डिया मूवमेंट के माध्यम से खिलाड़ियों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाए प्राप्त हुयी है। अब अधिकांश बच्चे खेलों को अपना भविष्य बना रहे है। इससे खेलों को सामाजिक प्रतिष्ठा मिल रही है तथा देश को सीधा लाभ हो रहा है। पिछले ओलम्पिक में भारत ने सर्वाधिक पदक जीते है।

उन्होने कहा कि अभी हमें लम्बी यात्रा करनी है तथा नये रिकार्ड बनाना है। खेलो में ट्रेनिंग का विशेष महत्व है। उन्होने अपील किया कि खेल प्रतियोगितांए नियमित रूप से आयोजित होती रहनी चाहिए। इससे खिलाड़ियों को अपने खेल कौशल का ज्ञान होता है तथा कमियों को दूर करने का अवसर मिलता है। देश में अन्य खेलो के साथ-साथ विन्टर गेम भी आयोजित हो रहे है।


उन्होने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं में स्थान बनाने के लिए खिलाड़ियों को खेल योजनाओं के तहत आर्थिक मदद की जा रही है। तमाम खिलाड़ियों को 2.5 लाख से 07 करोड रूपये तक आर्थिक सहायता दी जा रही है। देश में एक हजार से अधिक खेल सेन्टर बनाये जा रहे है, जिसमें से 750 तैयार हो गये है। कोचिंग के लिए सेण्टर से जीयो टैगिंग की व्यवस्था बनायी गयी है। उत्तर-पूर्व राज्यों के लिए मणिपुर तथा उ0प्र0 कें मेरठ में खेल विश्वविद्यालय बनाया जा रहा है। 800 से अधिक स्पोर्टस हास्टल बनाये जा रहे है।
उन्होने कहा कि फिट मूवमेण्ट इण्डिया में योग को शामिल किया गया है, इससे तन एवं मन जागृत होता है। उन्होेने युवाओं से योग अपनाने की अपील किया। उन्होने पौष्टिक भोजन में मिलेट-मोटा अनाज शामिल करने की भी अपील किया। उन्होने कहा कि भारत के अनुरोध पर पूरे विश्व में वर्ष 2023 को मिलेट वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।
उन्होने 7 मिनट का खो-खो खेल प्रतियोगिता देखा तथा इसमें भाग लेने वाली खिलाड़ियों की सराहना किया। उन्होने कहा कि यह एक और अच्छी बात हुयी है कि खेलों में बेटियॉ आगे आ रही है। उन्होने खेल महाकुम्भ आयोजन के लिए सांसद हरीश द्विवेदी की मेहनत एवं प्रयासों की सराहना किया तथा खेल महाकुम्भ की सफलता के लिए शुभकामना दिया।
इस अवसर पर मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद सत्यवान सिंह स्पोर्टस स्टेडियम में राष्ट्रीय खेल हाकी खेलकर सांसद खेल महाकुम्भ का उद्घाटन किया। उन्होने हाकी की दोनों टीमों के खिलाडियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनसे परिचय प्राप्त किया। उन्होने प्रधानमंत्री के सामने खो-खो खेलने वाली खिलाड़ियों का परिचय प्राप्त किया तथा उन्हें शुभकामना दिया।
अपने सम्बोधन में उन्होेने कहा कि प्रदेश मे खेलों को बढावा देने के लिए सभी 58 हजार ग्राम पंचायतों में खेल के मैदान बनाये जा रहे है, जिसमें से 34 हजार ग्राम पंचायतों में भूमि उपलब्ध करा दी गयी है। बस्ती में भी 75 खेल मैदान तैयार किए जा रहे है। युवक एंव महिला मंगल दल को स्पोर्टस किट दिया जा रहा है। खेल-कूद एंव युवा कल्याण विभाग द्वारा खेल प्रतिभाओं को आगे बढाने के लिए संयुक्त प्रयास किया जा रहा है।

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