समाज में फैली कुरीति है मृत्यु भोज:राजदेव यादव

 



जौनपुर।
 मृत्यु भोज समाज में फैली हुई कुरीति है। वह समाज के लिए अभिशाप है। इसका बहिष्कार होना चाहिए। उक्त बातें अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के संरक्षक राजदेव यादव ने ब्लॉक अध्यक्ष करंजाकला ग्राम सभा जमुनीपुर में वीरेंद्र कुमार यादव के मां की मृत्यु के बाद श्रद्धांजलि समारोह में कही। उन्होने कहा कि अंधविश्वास और पाखंड में कर्मकांड में हमारी घर की औरतों को भी बढ़-चढ़कर पुरुषों का साथ देना चाहिए। कार्यकारी अध्यक्ष डॉक्टर राजपति यादव ने बताया कि रूढ़िवादी को समूल नष्ट करने के लिए समाज संगठन को संकल्प लेना जरूरी है। 
मृत्यु भोज ग्रहण न करने का संकल्प लें ले तो मृत्यु भोज उन्मूलन एवं समाज हित में सकारात्मक परिणाम अवश्य सामने आएंगे। संरक्षक सदस्य जियाराम ने बताया कि पहले गंगा के पवित्र जल को घर में पवित्र किया जाता है। अगले दिन त्रयोदशी पर 13 ब्राह्मणों पूज्यजनों रिश्तेदारों और समाज के लोगों को सामूहिक रूप से भोजन कराया जाता है। इसे ही मृत्यु भोज कहा जाने लगा। जिला एडिटर जनार्दन यादव ने बताया कि इतना खर्चीला हो गया कि कई दुखी गरीब परिवारों को इसके कारण कमर टूट जाती है। वह कर्ज के तले दब जाते हैं। जिला कोषाध्यक्ष शिव सहाय यादव ने बताया कि मृतक भोज करने से व्यक्ति की ऊर्जा का नाश होता है।
 रिटायरमेंट दरोगा सुदर्शन यादव ने बताया कि गीता में श्रीकृष्ण भगवान ने कहा है आत्मा अजर अमर है। आत्मा का नाश नहीं हो सकता। केवल युगो युगो तक शरीर बदलती है। जिला सचिव माया शंकर यादव ने बताया शोक में करवाया गया भोजन भी व्यक्ति की उर्जा नाश करता है। अतः मृत्यु भोज नहीं खाना चाहिए। उपाध्यक्ष चंद्र भूषण यादव ने बताया कि यह कुप्रथा शोक की ऐसी लहर में है। जो निर्धन व्यक्ति पर आर्थिक बोझ बन कर उसे कर्ज की ओर ले जाता है। ऐसे  सामाजिक कुप्रथा को बंद होना चाहिए। जिला सचिव बृजभूषण यादव एवं समाजसेवी नंदलाल यादव ने बताया कि यह प्रथा रूढ़ीवादी कुप्रथा है। मन से त्याग से मृत्यु भोज शास्त्र सम्मत नहीं है। 
जिला सचिव विजय यादव, केराकत तहसील अध्यक्ष राजेंद्र प्रकाश यादव, मुफ्तीगंज ब्लॉक अध्यक्ष जेपी यादव ने बताया कि 1960 में मृत्यु भोज निवारण अधिनियम बनाया गया। पुलिस को इस नियम को पालन करवाने की हिदायत दी गई। रिटायरमेंट इंजीनियर रामाश्रय यादव ने बताया कि  अधिनियम की धारा 3 में उल्लेख है कि राज्य में कोई व्यक्ति मृत्यु भोज नहीं कर सकता और न ही उसमें शामिल हो सकता। श्रद्धांजलि सभा को रामभरोसे मौर्य, पूनम मौर्य, डॉ0 जितेंद्र यादव पूर्व जिला पंचायत सदस्य, बजरंगी यादव एडवोकेट ने भी संबोधित किया। मृतक भोज ना करने की शपथ दिलाई गई। महेंद्र प्रताप यादव , वीरेंद्र कुमार यादव ने भी सम्बोधित किया

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