यूपी में बढ़ा कोरोना का खतरा! कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में भी मिलने लगे पॉजिटिव

कौटिल्य वार्ता
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मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ।

राज्य की राजधानी में इस समय संक्रमण के कुल 44 सक्रिय मामले हैं। इनमें से दो मरीज केजीएमयू तथा एक पीजीआई में भर्ती है। सभी संक्रमितों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कराई जा रही है। 70 से अधिक लोगों के सैंपल लेकर उन्हें होम आईसोलेशन में रखा गया है।प्रदेश में रविवार को कोरोना के 23 नए मरीज मिले हैं।स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह के अनुसार 15 दिन पहले राज्य में कोरोना के सक्रिय मामले 100 से कम थे, जो आज 200 से ज्यादा हो चुके हैं। कोरोना बढ़ना चिंता की बात है लेकिन तसल्ली इस बात की है ओमिक्रोन का कोई नया मामला नहीं आया। नये मिले मरीजों में लखनऊ व हमीरपुर के पांच-पांच, प्रयागराज के तीन, गाजियाबाद, फतेहपुर व अमरोहा के दो-दो, महराजगंज, गौतमबुद्धनगर, वाराणसी और मेरठ में एक-एक मरीज शामिल हैं। जबकि 16 मरीज कोविड को मात देने में कामयाब रहे।


लखनऊ में पांच नये केस मिले हैं, जिनमें दो लोग संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आकर पॉजिटिव हुए हैं। दो मरीज केजीएमयू तथा एक पीजीआई में भर्ती है।लखनऊ में कोविड-19 वायरस फिर संक्रामक होना शुरू हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह खतरे की स्थिति है। इसलिए तीसरी लहर से बचने के लिए सावधानी और सतर्कता बेहद जरूरी है। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में केस मिलने से खतरा बढ़ गया है। 



नया वैरिएंट छह गुना ज्यादा संक्रामक 

कोविड-19 का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन पहले के मुकाबले छह गुना ज्यादा संक्रामक है। विशेषज्ञों के अनुसार इस वायरस का संक्रमितों में शरीर की कोशिकाओं के साथ अटैचमेंट ज्यादा देखा गया है। यही वजह है कि यह ज्यादा समय मरीज में रहता है और ज्यादा संक्रामक होता है। हालांकि, तीव्रता के बारे में अभी स्थिति साफ नहीं है।

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