यू0पी0 सरकार की अभ्युदय योजना निखार रही प्रतिभाओं का भविष्यद

 



बस्त,उत्तरप्रदेश
, प्रदेश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है समाजकल्याण विभाग द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे सिविल सेवा, जेईई, नीट, एनडीए, सीडीएस इत्यादि परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को निःशुल्क साक्षात व ऑनलाइन प्रशिक्षण दिए जाने हेतु मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना संचालित है।
इस योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं से सम्बन्धित परीक्षाओं के स्तर पर समय-समय पर परिवर्तित होते पाठ्यक्रमों के  अनुरूप विषय-विशेषज्ञों के द्वारा समुचित प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। इस योजना की शुरूआत (15 फरवरी,2021) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा की गई थी। प्रस्तुत योजना में अभ्यर्थियों का चयन पात्रता परीक्षा के आधार पर किया जाता है। चयनित अभ्यर्थियों के निःशुल्क प्रशिक्षण के लिए मंडल मुख्यालयों में प्रशिक्षण केन्द्रों की व्यवस्था की गई है। गुणक्तापूर्ण पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए ई-लर्निंग कंटेन्ट प्लेटफार्म का सृजन भी किया गया है।
 इस योजना की खास बात यह है कि वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के साथ-साथ पीसीएस और पीपीएस अधिकारियों एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इस योजना के अन्तर्गत बेबिनार, लाइव सेशन और सेमिनार के माध्यम से अभ्यर्थियों की समस्याओं के समाधान की सुविधा प्रदान की गई हैं। प्रदेश में बहुत से ऐसे छात्र है जिन्हें अगर सही मार्गदर्शन प्राप्त हो जाए तो वह सफलता की बुलंदियों तक आसानी से पहुँच जाएगें परन्तु आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से ये प्रतिभाएं दब कर रह जाती है ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार की अभ्युदय योजना इन प्रतिभाशाली युवाओं को लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए एक सीढ़ी का कामकर रही है।
 इस योजना को सफलतापूर्वक कार्यान्वित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं निगरानी कर रहे है। इस योजना के अन्तर्गत जो छात्र प्रारम्भिक परीक्षा पास कर लेगें। उन्हें परीक्षा के अगले चरण की तैयारी भी कराई जाएगी। परीक्षा किस प्रकार की होगी व इसका क्या पैटर्न होगा यह भी उत्तर प्रदेश अभ्युदय योजना के अन्तर्गत छात्रों को अवगत कराया जाएगा। अगर हम पात्रता की बात करें तो अभ्युदय योजना में आवेदन करने हेतु सबसे पहले आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी नागरीक होना चाहिए साथ ही छात्र की आयु प्रतियोगिता परीक्षा के अनुसार होनी चाहिए। अभ्युदय योजना के अन्तर्गत स्टडी मैटेरियल प्रदान करने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन एकेडमी (उपाम) को सौंपी गई है। मंडल स्तर पर प्रशिक्षण केन्द्रों के संचालन व समन्वय की जिम्मेदारी भी उपाम को सौंपी गई है।
 प्रतिवर्ष उत्तर प्रदेश से करीब 4 से 5 लाख छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते है। इसमें से ज्यादातर बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते है। ऐसे सभी बच्चों के लिए यह योजना बहुत लाभकारी साबित हो रही है। मंडलायुक्त लखनऊ के अन्तर्गत ई-लर्निंग कॉन्टेंट प्लेटफार्म विकसित किया गया है जिसके अन्तर्गत छात्रों को स्टडी मेटेरियल उपलब्ध करवाया जा रहा है। इस योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2020-2021 में लाभान्वितों की संख्या 5128 थी वहीं 2021-22 में अब तक 4150 लोग लाभान्वित हुए है।
अगर समग्र रूप से अवलोकन किया जाए तो यह योजना मेधावी छात्रों के भविष्य निर्माण में अहम कड़ी साबित होगी।

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