महामारी से सामना कर निजात दिलाना ग्राम पंचायतों का संवेधानिक दायित्व!

 


बस्ती 


 प्रदेश के प्रमुख सचिव पर्यटन एंव संस्कृति एवं जिले के नोडल अधिकारी मुकेश मिश्राम ने लोगों को सम्बोधित करते हुए अनुरोध किया कि वे कोरोना से बचाव के तरीको को अपनाये। मास्क, गमछा, तौलिया, दुपट्टा से नाक एंव मुॅह को अच्छी तरह ढके, योग करें, हाथ धोने के लिए साबुन का पानी बोतल में रखे। गम्भीर बीमारी से ग्रसित, गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों को सुरक्षित रखने में विशेष ध्यान दें। महामारी से सामना करना ग्राम पंचायतों का सम्वैधानिक दायित्व है।
उन्होने ग्राम प्रधानों से अपील किया कि वे सक्रिय रहकर गाॅव में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। बुखार तथा आक्सीजन लेबल नापने के लिए मशीन की गाॅव में व्यवस्था रखें। शासन द्वारा सभी प्रकार की सुविधाए गाॅव में उपलब्ध करायी जा रही है। इसका उपयोग करें। इमरजेन्सी सेवा के तहत जिला अस्पताल तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर ओपीडी संचालित है। दवाओं का किट आशा और एएनएम के माध्यम से लोगों मे वितरित करवाये।
मोबाइल फोन से पंजीयन करा सकते है.
कोविड-19 के टीकाकरण से पूरे गाॅव को संतृप्त करने वाले प्रत्येक ब्लाक के तीन ग्राम सभाओं को पुरस्कृत किया जायेंगा। यह घोषणा जिलाधिकारी श्रीमती सौम्या अग्रवाल ने किया है। वे वर्चुवल माध्यम से जिले की सभी ग्राम पंचायतों से जुड़कर वहा के नागरिको को सम्बोधित कर रही थी। उन्होने कहा कि टीका लगवाने के लिए कोई भी व्यक्ति अपने स्मार्ट मोबाइल फोन से या जन सुविधा केन्द्र पर निःशुल्क रजिस्टेªशन करा सकता है।
उन्होने कहा कि कोविशील्ड की दूसरी डोज 84 दिन पर तथा कोवैक्सीन 28 दिन पर लगेगी। वर्तमान समय में जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, ओपेक कैली अस्पताल तथा सभी 14 सीएचसी पर टीका लगवाया जा रहा है। उन्होने बताया कि कोविड-19 से संबंधित किसी भी शिकायत या समस्या की जानकारी कोविड कमाण्ड एवं कंट्रोल सेण्टर के फोन नम्बर-05542-245672, 245699, 247146 तथा 7398372931 पर दी जा सकती है।  
उन्होने कहा कि ये टीके पूरी तरह सुरक्षित है और इसको लगवाने से आदमी भी सुरक्षित हो जाते है। किसी-किसी को थोडा बुखार आ सकता है, जो पैरासीटामोल या कालपाल की गोली खाने से ठीक भी हो जाता है। वास्तव में टीका लगवाने के बाद बुखार आना अच्छे स्वास्थ्य का सही संकेत है। उन्होने यह भी कहा है कि यदि दोनो टीका लगवाने के बाद भी कोरोना होता है तो यह कम प्रभावशाली होता है और व्यक्ति घर पर ही इलाज कराकर स्वस्थ्य हो जाता है।
कोरोना रोधी दवा किट हर गांव में


उन्होने कहा कि कोरोना से इलाज के लिए दवाओं का किट प्रत्येक गाॅव में आशा को उपलब्ध करा दिया गया है, जिस किसी को भी सर्दी, जुखाम, बुखार, खासी, शरीर दर्द के लक्षण हो वे पहले दिन से ही आशा से दवा लेकर खाना शुरू कर दें। साथ ही सीएचसी पर जाकर कोरोना की एन्टीजन और आरटीपीसीआर जाॅच करा लें, लेकिन रिपोर्ट का इन्तजार न करते हुए पहले दिन से ही दवा खाना शुरू कर दे। उन्होेने बताया कि मुख्य रूप से पैरासीटामोल, आईवरमेक्टीन, एजीथ्रोमाइसीन, जिंक, बिटामिन सी एंव बिटामिन डी3 की गोलिया आशा को दी गयी है, जिसमें पैकेड के साथ खाने का तरीका लिखकर दिया गया है।
उन्होने कहा कि ई-संजीवनी ओपीडी एप अपने मोबाइल में डाउनलोड करके इससे जुड़े लगभग 650 विशेषज्ञ डाक्टरों से किसी भी बीमारी की इलाज के बारे में परामर्श ले सकते है।
उन्होने कहा कि गाॅवों में सार्वजनिक रूप से तथा व्यक्तिगत साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। प्रत्येक गाॅव में सोडियम हाईपोक्लोराइड के घोल का छिड़काव कराये नालियों की साफ-सफाई कराये। यदि किसी गाॅव में साफ-सफाई नही होती है तो कोविड कमाण्ड सेण्टर के नम्बर पर फोन करके अवगत कराये।
उन्होने कहा कि गाॅव के राशन कार्ड धारको को 05 चक्र में निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जायेंगा। जून एवं जुलाई में दो-दो बार तथा अगस्त में एक बार यह राशन उपलब्ध कराया जायेंगा।  
लगभग 01 घण्टे तक संचालित इस वर्चुवल मीटिंग से बीडीओ, सेक्टर मजिस्टेªट, ग्राम प्रधान, लेखपाल, ग्राम सचिव, तकनीकी सहायक, आशा, आगनबाडी कार्यकत्री, सफाई कर्मी तथा गाॅव के संभ्रान्त नागरिक जुड़े रहे। एनआईसी में मीटिंग के दौरान सीडीओ डाॅ0 राजेश कुमार प्रजापति, एडीएम अभय कुमार मिश्रा, सीएमओ डाॅ0 अनूप कुमार उपस्थित रहें।
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