बीजेपी विधायक राकेश राठौड़ ने कहा कि ज्यादा बोलेंगे तो देशद्रोह लग जायेगा







 चित्र-भाजपा विधायक राकेश राठौड़


मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ। यूपी के सीतापुर से बीजेपी विधायक राकेश राठौड़ अपनी ही पार्टी पर जमकर बरसे। दरअसल जब उनसे कोरोना महामारी को लेकर बंद पड़े ट्रामा सेंटर के बारे में बात की गई तो वह खुद को नहीं रोक सके और अपनी ही सरकार पर हमला बोल दिया। बीजेपी विधायक ने कहा कि उन्होंने बंद पड़े ट्रामा सेंटर को फिर से खुलवाने के लिए कई बार मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी। उन्होंने सीएम योगी से कई बार मुलाकात भी की लेकिन फिर भी इस मामले में कोई भी सुनवाई नहीं की गई।बीजेपी विधायक राकेश राठौड़ ने ट्रामा सेंटर के बजट के बारे में बात करते हुए कहा कि बजट सिर्फ अख़बारों में ही देखा गया है। हकीकत में ऐसा कुछ भी देखने को नहीं मिला। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सब राम राज्य हैं। उनके अंदर अपनी ही सरकार के प्रति इतना गुस्सा भरा हुआ था कि उन्होंने यहां तक कह दिया कि विधायकों की हैसियत ही क्या है। अगर ज्यादा बोलेंगे तो उन पर भी देशद्रोह और राज्य द्रोह लगा दिया जाएगा।



‘विधायकों की हैसियत ही क्या है’



विधायक नेे तंज मेंं कहा कि सरकार जो कर रही बस वही ठीक है। उन्होंने बार बार दुहराया कि सरकार जो कर रही है उसे ठीक मानो। उनका ये वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इसके पहले पार्टी मुख्यालय द्वारा पार्टी के सदस्यता अभियान और सरकार की योजनाओं को बूथ स्तर तक क्रियान्वयन को लेकर जब पूछा गया था तब उन्होंने कहा था कि हम एक मोटरसाइकिल तो छुड़ा नहीं सकते, हम कैसे सदस्य बनायें। तब भी उन्होंने ऑडियो वायरल करके पार्टी की किरकिरी की थी। 2017 में समाजवादी पार्टी से भाजपा में आकर विधायक बने राठौर पर यह भी आरोप है कि वह पार्टी से बगावत कर चुके हैं।राकेश राठौड़ कोरोना महामारी के बीच कई विधायक अब तक सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं। पहले जनरल वीके सिंह ने भी सरकार की पोल खोलते हुए एक ट्वीट किया था। जिसमें वह अपने कोरोना संक्रमित भाई के लिए बेड मांगते नजर आ रहे थे। हालांकि बाद में उन्होंने ट्वीट को डिलीट कर उस पर सफाई भी दी थी। नगर विधायक राकेश राठौड़ भी योगी सरकार के खिलाफ बोलकर चर्चा में आ गए हैं।



योगी सरकार के काम से खुश नहीं बीजेपी विधायक

विधायक राकेश राठौड़ सीतापुर में सरकार के कामकाज से खास खुश नहीं हैं। बंद पड़े ट्रामा सेंटर को लेकर उनका गुस्सा अचानक फूट पड़ा। इसके साथ ही वह थोड़े हताश भी दिखे। साथ ही उन्होंने ये तक कह दिया कि विधायकों की हैसियत ही क्या है?सरकार जो करे वही ठीक।


इससे पहले मंत्री संतोष गंगवार ने भी सीएम योगी को खुला खत लिखकर आरोप लगाया था कि हॉस्पिटलों में डॉक्टर्स उनका फोन तक नहीं उठाते हैं। उन्होंने भी सरकार और सिस्टम पर सवाल उठाया था। अब सीतापुर के बीजेपी विधायक भी इसी फेहरिस्त में शामिल हो गए है। उन्होंने सरकार के कामकाज को लेकर योगी सरकार पर दूसरी बार निशाना साधा है।बस्ती के रुधौली सीट से विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने कोविड काल में कई बार स्वास्थ्य विभाग की दुर्व्यस्था को लेकर न सिर्फ मुख्यमंत्री को पत्र लिखे बल्कि अस्पताल में पहुंच कर रोगियों के बीच से वीडियो कॉल करके शासन को जगाने का मैराथन प्रयास किये। लेकिन सरकारी अस्पताल सुधरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। 






बरेली से विधायक व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने भी पत्र लिखकर स्वास्थ्य सेवाओं की खामियों की ओर मुख्यमंत्री का ध्यानाकर्षण किया था।राजधानी लखनऊ में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रतिनिधि पूर्व आईएएस दिवाकर त्रिपाठी, कानून मंत्री बृजेश पाठक, लखनऊ की मोहनलाल गंज सीट से सांसद कौशल किशोर, पार्षद कौशलेंद्र द्विवेदी ने भी कोरोना कॉल में स्वास्थ्य विभाग की दुर्व्यस्था और संसाधनों के अभाव से नागरिकों के मौत का विषय उठा कर योगी सरकार को कटघरे में खड़ा किया था। लेकिन सरकार शुरू से ही अपने हठ पर कायम है। 

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