टूटी नावों से गांव की निषाद महिलाओं के साथ पहुंची प्रियंका गांधी ,सरकार खनन माफियाओं के साथ है, निषाद समाज के साथ नहीं- प्रियंका गांधी

 





मनोज श्रीवास्तव/ लखनऊ।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की महासचिव व यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रयागराज में प्रशासन द्वारा तोड़ी गयी नावों को देख कर पीड़ित निषाद समुदाय के लोगों से भेंट किया। उनके बँसवार गांव पहुंचने के बाद यूपी की राजनीति गरम हो गयी। भाजपा की सहयोगी निषाद पार्टी ने भी इस घटना की निंदा किया है। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि मैं आपकी समस्याओं और दुःख को समझने के लिए यहां आयी हूं। पिछले साल जब गंगा यात्रा में मैं गयी थी आप मेरे साथ थे। तब निषाद समुदाय के लोगों की उन्होंने बताया था कि किस तरह से पहले उन्हें पट्टे मिलते थे। इन पट्टों पर आपका अधिकार होता था। आपको बहुत चीजों की छूट थी। छूट इसलिए दी गयी थी क्योंकि उस समय की सरकार आपके जरूरतों को समझती थी।वह जानती थी कि आपके अधिकार क्या हैं। यह बात पूरी दुनिया समय समझ रही है कि हर-हाल में पर्यावरण ठीक रखना है। इस लिये जो लोग नदियों के किनारे और जंगल के आसपास रहते हैं  उनकी कमाई उसी से है। वह उसकी हानि कभी नहीं कर सकते।








लेकिन जो बड़े-बड़े उद्योगपति हैं, ठेकेदार हैं उनका जीवन तो नदी, जंगल से जुड़ा नहीं होता। वह केवल व्यापार करते हैं, उनको इससे कोई मतलब नहीं होता कि नदी की हानि हो रही है की जंगलों की हानि हो रही है। यह समझ आप लोगों में है। क्योंकि आप पुश्तों से यह काम कर रहे हैं।इसी काम पर आपका जीवन निर्भर है, इस काम के बिना आपका जीवन मुश्किल है। उन्होंने कहा कि जब यह बात सरकार भी समझती है तो ऐसे नियम कानून नीतियां क्यों नहीं बनाती जिससे आपका भला हो, नदी का भला हो, जंगल का भला हो। आज की सरकार आपके लिए नहीं, अलग-अलग माफियाओं के लिए चल रही है।





वाड्रा ने कहा कि आपकी समस्याओं को यह सरकार समझ नहीं रही है या पूरी तरह से समझ रही है लेकिन मदद नहीं करना चाहती। जो कृषि कानून बनाये गये हैं उससे किसान का नुकसान हो रहा है। बड़े बड़े उद्योगपति खरबपति उनका फायदा हो रहा है। उसी तरह से जो कानून गंगा नदी और यमुना नदी और नदियों पर लागू हो रहा है वह कानून आपकी भलाई के लिए नहीं है न ही नदी की भलाई के लिए हैं। वह कानून इसलिए लागू किये जा रहे हैं ताकि उनसे उद्योगपतियों को लाभ पहुंच सके। यह कानून इस तरह लागू किया गया है कि वह अपना कारोबार कर सकते हैं, वह नदी से कमाई कर सकते हैं लेकिन आप नहीं कर सकते। 



उन्होंने कहा कि मैं आपकी पीड़ा समझ सकती हूं। सरकार और पुलिस प्रशासन को शर्म आनी चाहिए। जिस तरह से मैंने वीडियो देखा कि किस तरह आपके बच्चों को मारा गया। हम इस मुद्दे को उठायेंगे। प्रियंका ने बताया कि बंसवार में यूपी सरकार के निर्देश पर प्रशासन ने निषाद बहनों-भाइयों की नावें तोड़ दी थीं। महिलाओं ने उन्हें बताया कि उनके साथ ज्यादती की गई। प्रशासन ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। पीड़ितों के कहने पर प्रियंका यमुना के तट पर पुलिस द्वारा तोड़ी गई नावों को देखने गई, वहां सभी नाविकों ने उन्हें अपनी पीड़ा बतायी।उन्होंने कहा कि उनके जाने के बाद यदि निषाद समुदाय को प्रताड़ित किया जायेगा तो हमारे कांग्रेस कार्यकर्ता, कांग्रेस नेता आपकी मदद करेंगे।अब हम आपका उत्पीड़न नहीं होने देंगे।

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