अंतिम संस्कार में भी भ्र्ष्टाचार ?

 कभी कौटिल्य ने कहा था उत्कोच को समाप्त नहीं किया जा सकता, कभी इंदिरा जी ने कहा था कि भ्रष्टाचार वैश्विक आचरण में आ गया है ।आम आदमी की बोलचाल में बिना भ्रष्टाचार का यह सम्मान नहीं मिलता ,लेकिन जब भ्रष्टाचारी पकड़ा जाता है तो उसके लिए उसे हेय दृष्टि से देखने वाला और कोई नहीं होता। जिस तरह से संपूर्ण देश में इस समय भ्रष्टाचार का चरमोत्कर्ष है इसको दूर करने के लिए देश के सबसे पवित्र और सबसे योग्य अब तक के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील है कि इस देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराएं ।


यह भ्रष्टाचार स्वयं ही अंहिकर किया हुआ एक आचरण है ।कही आईएएस ,आईपीएस कई उद्योगपति, कहीं नेता इस सारे के सारे लोग सुनियोजित भ्रष्टाचार को स्वीकार करते हैं ।आए दिन भ्रष्टाचार पर चर्चाएं सड़क से लेकर संसद तक हो रही हैं पर उनको ढाक के तीन पात ।कोई परिणाम नहीं निकलता । हर व्यक्ति कहता है कि भगत सिंह पैदा होना चाहिए लेकिन पड़ोसी के घर हमारे घर नहीं ।

वही स्थिति आज भ्रष्टाचार की हो गई है ,अभी कल गाजियाबाद में घाट पर इस तरह की घटना घटी और 23 लोग एक साथ मौत के पास  समागये। एक समाज के लिए इससे बड़ा और कोई चिंता का कारण नहीं हो सकता जिस तरह से निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार फैला है वह वास्तव में अभूतपूर्व है परिस्थितियां  यह हो गई हैं कहीं  पुल टूट रहा है कही रेलिग टूट रहा है। आखिर कैसे चलेगा किसी को भी दंडित होते हुए अभी तक देखा नहीं 

 क्या वाराणसी में पुल  टूटा । इस समय समाज के ठेकेदारों ने समाज सेवा का बीड़ा उठाकर एक बहुत अच्छा और पवित्र काम कमाऊ अपने हाथ लिया है जिससे उनको सम्मान भी मिलता है ।वह श्मशान घाट का निर्माण । भारत सरकार और प्रदेश सरकार खूब  पैसे दे रही है कि साल में करोड़ो। करोड़ स्वाहा।क्या पूरा देश पूरा श्मशान घाटों की भेंट चढ़ गया है। इस पर विचार हुआ कितने श्मशान घाट बन रहे हैं ?

 उनका क्या है आखिर इस तरह के कार्यों से किसको फायदा हो रहा है देश में पुनर्जन्म की व्यवस्था को अधिसंख्य की ओर से मान्यता प्राप्त है ,माना जाता है जहां से सीधे आत्मा ईश्वर से बात करने के लिए चली जाती है और अपने कर्म करती है परंतु क्या कभी हमने सोचा कि जो ठेकेदार इस तरह के निर्माण कर रहा है उसके बारे में विचार किया ।पूरे प्रदेश में ऐसा कोई भी नदी तालाब पोखरा ग्राम पंचायत नहीं है जहां निकट में कोई श्मशान घाट न बना हो। मेरा देश के माननीय प्रधानमंत्री और प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि श्मशान घाटों के अंतिम संस्कार के लिए व्यवस्था बनाई गई है बेहद खतरनाक और खराब है ।एक एक सभ्य  समाज के लिए इससे ज्यादा हृदय विदारक असभ्य और आत्म ग्लानि के लिए और कोई विषय नहीं हो सकता कि अंतिम संस्कार में 100 लोग जाते हैं और 20 लोग दब कर के मर जाते हैं ।

आखिर इसमें दोष किसका है कार्यदाई संस्था का या वहां के एमएलए एमपी का या वहां के प्रशासनिक अधिकारियों का या ठेकेदार का जब सब मिलकर के खा रहे हैं तो आखिर दोष किस पर देंगे ?ऐसी स्थिति में आवश्यकता इस बात की है कि संपूर्ण प्रदेश और देश में श्मशान घाट के निर्माण के आई गुणवत्ता को जो कमियां आई है उसकी जांच के लिए संपूर्ण देश स्तर पर एक समिति बनाई जाए जो मानवता के इस कलंक को धो सके। अगर नहीं बनाया  गया तो भ्रष्टाचार को और सर्वपरशी होने से बचाया नहीं जा सकता ।

अभी एक इंजीनियर ने बताया कि मैं इस पुल से नही जाऊँगा इसलिए नहीं जाऊंगा क्योंकि उस पर ठेकेदार ने बांस की कइन से पुल बनाया है । अगर यही स्थिति बनी रहेगी तो कितना गंभीर होगा करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं और कोई अपनी गाड़ी  भी पल पर खड़ा करना नहीं चाहता ।उसके नीचे कोई बैठना नहीं चाहता । अधिकांश प्रदेश में श्मशान घाट मरघट बन गए हैं और सरकार के पास अयोध्या और वाराणसी में श्मशान घाट बनाने के लिए पैसा नहीं है वहां आए दिन सैकड़ों लाशे  जल रही है।

स्थिति यह है कि वहां न बैठने की सुविधा है ,ना उठने की सुविधा है ।अयोध्या और वाराणसी जैसे प्रदेश में अनेक स्थानों पर वहां जिस तरह से प्रदूषण फैल रहा है उस पर किसी का ध्यान नहीं है ।अयोध्या में जनप्रतिनिधियों ने क्यों नहीं सोचा लेकिन कम से कम चार पांच इलेक्ट्रिकल चकली बनाने की आवश्यकता है और उसी तरह से स्थान पर चिन्हित करके 7 8 10 की संख्या में चैट करके जहां सरयू की धारा ले जा कर के वहां की जा सकती है ।

पर उसके पास दिमाग है ना कोई सोच सकता है क्योंकि उसमें पैसा नहीं है पैसा तो सिर्फ है कि नाला और छाप नदियों के किनारे करोड़ों का रुपया ऊपर से नीचे तक जुगाड़ लगा कर के लाना उसको खर्च करके मालामाल हो जाना और मालामाल हो करके सोना ।

फिर एक दिन गाजियाबाद के मुरादनगर कांड की पुनरावृत्ति !आदरणीय मोदी जी आदरणीय योगी जी भ्रष्टाचार का अंतिम संस्कार कब करेंगे उसके लिए आप समय नहीं है उठिए जागये और भ्रष्टाचार पर अंतिम प्रहार करिये। लगाने के लिए समाज के साथ आप लोग  नौकरशाही और नेताओं के अंकुश के साथ ठेकेदार शाही पर जनता की मदद सेअंकुशलगाइए।और देेश ,समाज को भ्रष्टाचार सेमुक्त कर करिये।

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