"हैंरिंग्टनगंज-प्रभातनगर मार्ग की बदहाली से तंग राहगीर" * तीन जिलों को जोड़ने वाले मार्ग का पुरसाहाल नहीं। * आमजन ने कहा यह मार्ग टू-लेन होना चाहिए।


मिल्कीपुर, अयोध्या। 
तीन जिलों को जोड़ने वाले हैरिंग्टनगंज -प्रभातनगर मार्ग की हालत हमेशा जर्जर ही रहती है।अभी चंद दिनों पहले मार्ग पर कोलतार लेपन का कार्य हुआ था। लेकिन मार्ग बनने के साथ ही उखड़ गया।कायदे से इस मार्ग को टू-लेन होना चाहिए।लेकिन दुर्भाग्य है कि इसे जिम्मेदार चलने लायक भी नहीं बना पा रहे हैं।
  विधानसभा बीकापुर और मिल्कीपुर के बीच से निकलने वाला हैरिंग्टनगंज- प्रभात नगर मार्ग पर चलना दुर्घटना को निमंत्रण देने जैसा है।रेवतीगंज से तीन किलोमीटर उत्तर परसौली गांव के पास और शाहगंज बाजार के दक्षिणी छोर पर तथा बाजार के उत्तरी छोर बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के सामने रोड की हालत इतनी खराब हो गई है कि इस मार्ग से राहगीरों को निकलना काफी मुश्किल भरा काम है।कुछ दिनों पूर्व तो इस मार्ग की हालत इतनी खराब थी कि बाइक सवार उसी कीचड़ और गिट्टी में गिरकर लहूलुहान होकर कीचड़ और पानी में सराबोर हो जाते थे। 

कई लोग तो अब तक बुरी तरह गिरकर जख्मी हो चुके हैं। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस मार्ग पर चलना खतरों से खेलने जैसा ही है। लेकिन इसके बावजूद भी इन क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी इस रोड की दुर्दशा से मुंह फेरे हुए ही दिखे थे। कारण क्या है यह तो ठीक से नहीं बताया जा सकता, लेकिन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उदासीनता का खामियाजा जनता को जरूर भुगतना पड़ रहा है। इस मार्ग को दुरुस्त कराने के बाबत हैरिंग्टनगंज के जिला पंचायत सदस्य विनय कुमार सिंह ने भी इस मार्ग के दुरुस्तीकरण के लिए कई बार अधिकारियों को पत्र लिखकर मार्ग दुरुस्त कराने की मांग की है। उन्होंने शाहगंज- परसौली और उमरपुर मार्ग की बदहाली की समस्या की ओर भी इंगित किया है। 
इसके अलावा सोशल मीडिया पर संजय मिश्रा सहित तमाम जिम्मेदार युवाओं ने मार्ग के दुरुस्तीकरण की आवाज उठाई है। लेकिन इसके बावजूद कोई भी अधिकारी इस मार्ग की दुर्दशा पर नजरें इनायत करने को तैयार नहीं है। आलम यह है कि इस रोड पर बड़े-बड़े गड्ढे होने की वजह से लोगों की गाड़ियां खराब हो जा रही हैं। कई राहगीर अब तक गिर कर काफी चोटिल हो चुके हैं। कई का तो हाथ पैर भी फैक्चर हो चुका है। जरा सी बरसात हो जाए तो परसौली और शाहगंज बाजार में बाइक सवारों को भी निकलना टेढ़ी खीर हो जाता है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस रास्ते पर चलने वाले साइकिल सवार को कितनी दिक्कत झेलनी पड़ती होगी। 
   गौरतलब पहलू यह है कि रोजी रोटी के लिए शहर जाने वाले सैकड़ों मजदूर इसी रास्ते से जिला मुख्यालय तक प्रतिदिन आते और जाते हैं। उनके आने-जाने का और कोई वैकल्पिक रास्ता भी नहीं है। क्योंकि सबसे कम दूरी का रास्ता हैरिंग्टनगंज प्रभात नगर होते हुए फैजाबाद शहर के लिए यही है। ऐसे में कहीं न कहीं लोगों की मजबूरी है कि वह इस रास्ते पर चलें। लेकिन जिम्मेदार लोगों की नजर अंदाजी यह बताती है कि इस रोड पर चलने वाले राहगीरों को अभी काफी दिनों तक परेशानी का ही सामना करना पड़ेगा। क्षेत्र वासियों का कहना है कि कायदे से तो यह मार्ग तीन जिलों को जोड़ने वाला है। ऐसे में इस मार्ग को कम से कम टू-लेन मार्ग का दर्जा मिलना चाहिए। लेकिन अभी तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस मार्ग को अयोध्या से प्रभात नगर,हैरिंग्टनगंज होते हुए सुल्तानपुर जिले के देहली, बौरहवां से अमेठी जनपद के मुसाफिरखाना तक टू लेन मार्ग बनाने की आवाज नहीं उठाई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदार लोग इस मार्ग के विकास के लिए कितने फिक्रमंद हैं।
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