अकेले स्वास्थ्य विभाग 0 7 करोड़ दबाए है,बिजली विभाग का !

 


बस्ती,उत्तरप्रदेश


 अनुदान की धनराशि बिजली बकाया तथा अन्य मदों में अवशेष बड़ी धनराशि को आगामी 05 माह में शतप्रतिशत व्यय करने की कार्ययोजना जिलाधिकारी बस्ती आशुतोष निरंजन ने एक सप्ताह में प्रस्तुत करने के लिए आहरण-वितरण अधिकारियों को निर्देशित किया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित शासन से प्राप्त विभिन्न मदों के धनराशि के व्यय की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पाया कि पुलिस विभाग को छोड़कर अन्य विभागों का बिजली बकाया अवशेष है। उन्होने कहा कि विद्युत मद में प्रत्येक माह बिल प्राप्त कर धनराशि का भुगतान करें। पुलिस विभाग द्वारा रू0 1.15 करोड़ बिजली का बिल का भुगतान किया गया है। 


       


जिलाधिकारी ने व्यय की स्थिति खराब होने पर आबकारी, कृषि, उद्यान आदि विभागीय अधिकारियों को कारण बताओं नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। उद्यान विभाग मेें धन की उपलब्धता के बावजूद आउटसोर्सिंग पर कार्य कर रहे कर्मियों का अप्रैल 2020 से भुगतान नही किया गया। इस स्थिति पर जिलाधिकारी ने गहरा असंतोष व्यक्त किया तथा इस संबंध में आहरण-वितरण को कारण बताओं नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। 


     


उन्होने स्वास्थ्य विभाग, उद्योग, रेशम, सिचाई, लधु सिंचाई, पशुपालन, डेयरी, गन्ना, माध्यमिक शिक्षा, बेसिक शिक्षा, बाट माप, वन, मत्स्य, प्राविधिक शिक्षा, पीडब्लूडी, आरईडी, प्रोबेशन, समाज कल्याण, दिव्यांगजन, पिछड़ा वर्ग कल्याण आदि विभागों के व्यय की स्थिति की समीक्षा किया। उन्होने सीएमओ को निर्देश दिया कि सीएमओ आवास का बिजली का बिल प्राप्त कर अधिकारी के निवास के समय की गणना करके उन्हें भुगतान करने के लिए उनके तैनाती स्थल पर पत्र भेजे। स्वास्थ्य विभाग पर 07 करोड़ रूपया बिजली का बकाया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बिजली के बिलों का बिजली विभाग से मिलान कराये। 


      


बैठक का संचालन मुख्य कोषाधिकारी श्रीनिवास त्रिपाठी ने किया। बैठक में सीएमओ डाॅ0 एके गुप्ता, एसीएमओ डाॅ0 सीके वर्मा, अर्थ एवं संख्याधिकारी टीपी गुप्ता, राकेश कुमार, रामनगीना यादव, अधिशासी अभियन्ता शुभनारायण राव तथा आहरण-वितरण अधिकारी, कोषागार से सुभाष दूबे, रवि गुप्ता, आलोक कुमार, श्रीमती सोनल श्रीवास्तव, श्रीमती सीमा शुक्ला, सूरज गौतम आदि उपस्थित रहें। 


 


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