1 नवम्बर से अभियान चलेगा,गोल्डन कार्ड विहीन गावो में

 


बस्ती 27 अक्टूबर 2020, उत्तरप्रदेश


 


आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गोल्डेन कार्ड विहीन गांव के लाभार्थियों का कार्ड बनाए जाने के लिए 01 नवम्बर सेे विशेष अभियान चलाया जाएगा। उक्त जानकारी जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने दी है। पुलिस लाईन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होने अभियान के तैयारियों की समीक्षा किया। उन्होने कहा कि शासन के निर्देश पर संचालित इस अभियान में एक भी लाभार्थी परिवार गोल्डेन कार्ड से वंचित नही रहना चाहिए।


 उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 159114 परिवार में कुल 795435 लाभार्थियों को गोल्डेन कार्ड बनाने का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष 111075 गोल्डेन कार्ड निर्गत हो चुके है। उन्होने बताया कि जिले में लगभग एक सौ गांव ऐसे चिन्हित किए गये हैं, जहां पर एक भी लाभार्थी का कार्ड नहीं बन सका है। उन्होने निर्देश दिया कि प्रत्येक चिन्हित गांव में कैम्प लगाकर कार्ड बनवाया जाय।


उन्होने कहा कि अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में कुल 1.18 करोड़ लाभार्थी परिवारों में से मात्र 30.72 प्रतिशत परिवार को पूर्ण अथवा आंशिक रूप से गोल्डेन कार्ड प्रदान किया जा सका है। इससे यह प्रतीत होता है कि लाभार्थियों के सत्यापन व उनका गोल्डेन कार्ड बनाए जाने की प्रगति काफी धीमी है। प्रदेश में 6696 गांव ऐसे हैं, जहां एक भी लाभार्थी का कार्ड नहीं बना है। गोल्डेन कार्ड विहीन गांव का डाटा योजना को संचालित करने वाली एजेंसी साचीज ने सभी जिलों को उपलब्ध करा दिया था।


जिलाधिकारी ने समीक्षा में पाया कि जनपद में गोल्डेन कार्ड विहीन गांवों का डाटा ब्लॉकवार सभी एमओआईसी को उपलब्ध करा दिया गया है। ब्लॉक स्तरीय अस्पतालों में तैनात आयुष्मान मित्रों को निर्देशित किया गया है कि वे मॉनीटरिंग कर कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें। कार्ड बनवाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) की मदद ली जा रही है।


उन्होने निर्देश दिया है कि गांव की आशा लाभार्थियों से सम्पर्क कर उन्हें गोल्डेन कार्ड बनवाने के लिए जागरूक करें। सीएससी के द्वारा कार्ड बनाने पर लाभार्थी को प्रति कार्ड 30 रुपए का भुगतान करना होगा। उन्होने एमओआईसी को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करे कि लाभार्थी से 30 रूपये से अधिक न लिया जाय। उन्होने अभियान के दौरान नियमित रूप से प्रगति की मानीटरिंग करने का भी निर्देश दिया है। उन्होने अभियान के अनुश्रवण के लिए जिला स्तर से सेक्टर ऑफिसर की तैनाती करने का निर्देश दिया।


आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थी परिवार को हर साल पांच लाख रुपए तक निःशुल्क इलाज की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। सभी सरकारी व जिले के 17 निजी अस्पताल योजना के तहत सूचीबद्ध हैं, जहां गोल्डेन कार्ड दिखाकर इलाज कराया जा सकता है। देश के किसी भी कोने में योजना में सूचीबद्ध अस्पताल में भी लाभार्थी इलाज करा सकता है।


बैठक में सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, प्रभारी सीएमओ डा0 फखरेयार हुसैन, डाॅ0 सीके वर्मा डा0 जलज, यूनिसेफ के डाॅ0 आलोक राय, डाॅ0 आईए अन्सारी तथा योजना से जुड़े हुए अधिकारीगण उपस्थित रहें।  


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