7 दशक बाद भी गांववालों को रास्ता सड़क नही मयस्सर

रास्ते की समस्या पर ग्रामीणों का प्रदर्शन


जौनपुर


जलालपुर में रास्ते की समस्या को लेकर ग्रामीण जब जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटते काटते थक गए तो उनका सब्र का बांध टूट गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध   प्रदर्शन किया और हाय- हाय के नारे लगाए।  विकासखंड जलालपुर के रकसवा तकियाराम गांव के इस्मैला भैरोदयाल  शुकलान बस्ती में  बीमार महिला मरीज को चारपाई पर लिटाकर गांव की महिलाओं ,पुरुषों ने सांसद,विधायक और प्रधान के विरुद्ध हाय - हाय बोलते  हुए जोरदार नारेबाजी किया।


गांव के चंदा, मंजू,अनीता, सीता, सोनी, इन्द्रावती, मंगला, संकठा, कैलाश, प्रभु शुक्ला,त्रिभुवन शुक्ला,विरेन्द्र, विक्रमाजीत शुक्ला, जगदीश शुक्ला,सभाजीत शुक्ला,ब्रिजलाल शुक्ला,राम लखन शुक्ला,अशोक समेत अन्य लोगों ने कहा कि रास्ते की समस्या को लेकर हम लोग मछली शहर सांसद बीपी सरोज, विधानसभा जफराबाद के विधायक डॉक्टर हरेंद्र प्रसाद सिंह, ग्राम प्रधान रमेश मौर्य का चक्कर काटते रहे परंतु  रास्ता आज तक नहीं बन सका। प्रधान का यह दूसरा कार्यकाल चल रहा है,अब समापन होने को है,करीब दस साल की अवधि में इस गांव का रास्ता नहीं बनवाया गया है।गांव की गर्भवती महिलाओं और बिमार मरीजों को चारपाई पर लिटाकर धरना - प्रदर्शन किया.ग्रामीणों ने कहा कि करीब एक किमी० दूरी तक मरीजों को थानागद्दी-जलालालपुर सड़क मार्ग तक चारपाई पर लिटाकर ले जाना पड़ता है। लोगों ने कहा कि देश मे आजादी के लगभग 70 सालों बाद भी यह गांव, मुख्य सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाया है।इतना ही नहीं गांव में एम्बुलेंस भी नहीं आ पाती है।रास्ता के अभाव मे गांव का विकास कार्य ठप है।


 


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