आचार्य प्रमोद कृष्णन को कांग्रेस ने छ:साल के लिए निकाला।अपने अपने निष्कासन पर आचार्य ने खड़े किए सवाल ? क्या राम और राष्ट्र की बात करना कांग्रेस विरोधी हो होना है ??

कौटिल्य वार्ता
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राम को चौदह और रामभक्त को छ:वर्ष का वनवास स्वीकार..… प्रमोद कृष्णन 


आचार्य प्रमोद कृष्णन कांग्रेस से और कांग्रेस आचार्य प्रमोद कृष्णन से अजीज ही जा चुकी है ।इसका परिणाम में है श्री राम जन्मभूमि के बाद  विवादों को लेकर के आचार्य प्रमोद कृष्णन के बयानों के आधार पर उन्हें 6 वर्ष के लिए कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया है ।आज की तारीख में आचार्य प्रमोद कृष्णन किसी के परिचय के मोहताज नहीं है कल्कि  पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णन वेबाफ और राष्ट्रीय बातचीत रखने के लिए प्रसिद्ध है ।

उन्होंने अभी *राहुल गांधी को टैग करके यह लिख दिया कि क्या राम और राष्ट्र पर समझौता संभव नहीं ?आचार्य प्रमोद कृष्ण ने कांग्रेस पार्टी में बहुत दिनों से रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि कल रात में मुझे एक कांग्रेस की चिट्ठी मिली जिसे मुझे 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है ।सबसे पहले मैं कांग्रेस नेतृत्व का आभार व्यक्त करता हूं, मुझे कांग्रेस से मुक्ति का आदेश सुनाने के लिए उन्होंने आगे पूछा के बेधू गोपाल और मल्लिकार्जुन  खड़गे यह बताएं कि ऐसी कौन सी गतिविधियां हैं जो पार्टी के विरोध में थी ।

क्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण स्वीकारना वहां जाना श्री कल्कि धाम का शिलान्यास करना नरेंद्र मोदी से मिलना सनातन की बात करना क्या पार्टी विरोधी है? उन्होंने आगे कहा बात मेरे निष्कासन की नहीं है बात इस बात की है कि महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस ,पंडित जवाहरलाल नेहरू ,मौलाना आजाद और इंदिरा गांधी की जो कांग्रेस थी वह आज कांग्रेस किस रास्ते पर लाकर के आप सब ने खड़ा कर दिया ?

क्या कांग्रेस रहने लायक है ?क्या कांग्रेस का अर्थ सिर्फ चास्तुकारिता हो गया है?  चमचागिरी करना और झूठ बोलना अनिवार्य है? उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस में सिर्फ वही रह सकते हैं जो  अपमान सही?  हिंदू आस्था को ठेस पहुंचाएं मैं साफ कर देना चाहता हूं कि राम और राष्ट्र पर में कोई समझौता नहीं करूंगा। लेकिन राष्ट्रीय अस्तित्व अस्मिता और सनातन पर कोई आंच नहीं आने दूंगा ।मेरी प्रबल इच्छा है कि भगवान राम को 14 वर्ष का वनवास दिया गया तो एक राम भक्त 6 साल के लिए निकाला जा रहा है। इसमें कोई बड़ी बात नहीं है। मैं इसको शहर से स्वीकार करता हूं  प्रमोद कृष्ण ने कहा कि मैं राजीव गांधी से वादा किया था आखिरी सांस तक कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे हमने उसे वादे को निभाया बहुत से मोड़ आए बहुत से बातें ए पार्टी के ऐसे फैसले थे जिसके में सहमत नहीं था मुझे अपमानित किया गया अपमान का घूंट पिया लेकिन मैंने पार्टी नहीं छोड़ी बताते हैं कि कल की पीठ आदिश्वर प्रमोद कृष्ण संभवत कल की शिव संभल सीट से प्रत्याशी भी बनाए जा सकते हैं 19 फरवरी को प्रधानमंत्री उनके मंदिर का शिलान्यास करने भी जा सकते हैं प्रमोद कृष्णन का कांग्रेस से निष्कासन कई महीनो से तय था यह राम की बात करते-करते भाजपा में पहुंच गए कल की धम भूमि पूजन का पीएम मोदी को नेता देने के उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ बयान बाजी कर दी उसके साथ ही साथ अब चर्चाएं हैं कि कल की धाम के बहाने प्रमोद कृष्णन संबल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में है।

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