गंगा संरक्षण योजना मे क्षेत्रों के जलाशयों का विस्तार होगा

 


बस्ती 30 अक्टूॅबर 

 जिले में 20 हेक्टेयर से अधिक बड़े जलश्रोत/झील/तालाब वेटलैण्ड घोषित कराने के लिए जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने वन एवं सिंचाई विभाग को निर्देशित किया है। कलेक्टेªट सभागार में आयोजित गंगा संरक्षण समिति की बैठक को सम्बोधित करते हुए उन्होने चंदोताल के चारों ओर बांध बनवाने के लिए भी निर्देशित किया है। उल्लेखनीय है कि जिले में चौरीताल 178 हे0, लक्ष्मनपुर ताल 128 हे0, मझौआ 55 हे0, मडनीताल 36 हे0, पचवस 30 हे0, परसाजाफर 33 हे0,  विसनईया 25 हे0 सहित कुल 11 वेटलैण्ड चिन्हित है।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन द्वारा वेटलैण्ड मैनेजमेंण्ट रूल के तहत इनका चयन किए जाने पर इसके पुनरोद्धार के लिए धनराशि प्राप्त होंगी, जिससे जल संरक्षण हो सकेंगा। उन्होने चंदोताल से जुड़े बहादुरपुर ब्लाक के चार ग्राम पंचायतों के प्रधानों से मनरेगा के तहत बांध निर्माण के लिए प्रस्ताव करने का सुझाव दिया। उन्होने सीडीओ को निर्देशित किया है कि चंदोताल से जुड़े सभी ग्राम प्रधानों से वार्ता करके बांध का प्रोजेक्ट तैयार करायें। उन्होने कहा कि बांध बनाने के बाद इस पर वृहद वृक्षारोपण भी कराया जायेंगा। उन्होने यह भी निर्देश दिया है कि इन पर अवैध अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाय।


उन्होने कहा कि शासन द्वारा प्राकृतिक खेती के लिए बहादुरपुर ब्लाक को चिन्हित किया गया है। उन्होने वन विभाग को निर्देशित किया कि कृषि विभाग से समन्वय बनाये तथा प्राकृतिक खेती को बढावा देने के लिए कार्ययोजना तैयार करें। उन्होने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देशित किया कि समय-समय पर जिले की सभी नदियों के पानी का केमिकल टेस्ट कराकर रिपोर्ट वन विभाग को उपलब्ध कराये। उन्होने कहा कि पिछले दिनों उन्होने मनवर घाट पर देखा था कि नदी का पानी काला हो गया है, इसकी जॉच कराकर भी रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
उन्होने ईओ नगरपालिका को निर्देशित किया कि कुआनों के किनारें कूड़ा-करकट का डंम्पिग ग्राउण्ड ना बनाये। लिक्विड वेस्ट ट्रीटमेण्ट प्लांट के भूमि का कागज नगर विकास विभाग को भेजवाना सुनिश्चित करें। कोईलपुरा के पास मटीरियल रिकबरी फैसिलिटी (एमआरएफ) स्थापित हो गया है, उसको चालू करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है। इसके लिए सूखा एंव गीला कूडा अलग-अलग करने का काम भी शुरू करायें। पालीथिन एकत्र कराकर एमआरएफ सेण्टर भिजवाये ताकि उसका छटायी करके उपयोग में लाया जा सकें।


उन्होने स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल वेस्ट निस्तारण की समीक्षा किया तथा निर्देश दिया कि नियमित रूप से इसका निस्तारण सुनिश्चित करे। उन्होने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला पर्यावरण प्लान में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुसार तैयार करके स्वीकृति हेतु भेजवाये।
जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक को सम्बोधित करते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को वर्ष 2022 में रोपित पौधों का जीवो टैंग एक सप्ताह में पूरा करने का निर्देश दिया है। उन्होेने बैठक में अनुपस्थित दोनों अधिशासी अभियन्ता पीडब्ल्यूडी, ट्रांसमिशन विद्युत, एआरटीओ, एआरएम रोडवेज का वेतन रोकने का निर्देश दिया। उन्होने निर्देश दिया कि अमृत सरोवर के किनारें वृक्षारोपण तथा अमृत महोत्सव के अन्तर्गत प्रत्येक गॉव में रोपित 75-75 पौधे का भी जीवों टैग कराये।
बैठक में सीडीओ डा. राजेश कुमार प्रजापति, एडीएम कमलेश चन्द्रा, सीएमओ डा. आर.पी. मिश्रा, डीएफओ नवीन कुमार शाक्य, एसडीएम शैलेष दुबे, पीडी कमलेश सोनी, डीडीओ अजीत श्रीवास्तव, डिप्टी कलेक्टेर सुधांशू, ईओ नगरपालिका दुर्गेश्वर त्रिपाठी, खण्ड विकास अधिकारी तथा विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहें।

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