योगी के शहर के डीएम-एसएसपी जनसुनवाई में फिस्सडी, गोरखपुर 8वें से गिरकर 24वें रैंक पर पहुंचा


मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ। 


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृहक्षेत्र गोरखपुर में अधिकारी न पब्लिक की समस्या का समाधान कर रहे हैं और न ही जनसुनवाई पोर्टल पर आने वाली समस्याओं का निस्तारण में उदासीन होते जा रहे हैं। अधिकारियों की इस गैर जिम्मेदारी की वजह से ही हर बार मुख्यमंत्री के जनता दरबार में फरियादियों की भीड़ लग जाती है। हालात यह है कि सितंबर महीने में आईजीआरएस की आई रैंकिंग में गोरखपुर की परफॉर्मेंस रिपोर्ट खराब मिली है। इस गैर जिम्मेदारी रवैए की वजह से गोरखपुर को 24वीं रैंक मिली है। जबकि अगस्त महीने में यहां की 8वीं रैंक आई थी। गोरखपुर की 7 तहसीलों में सबसे खराब हालत सदर तहसील की है। इसकी रैंकिंग 205 आई है।

दरअसल, जनता की समस्या के लिए आईजीआरएस


पोर्टल बनाया गया है। घर बैठे लोग अपनी शिकायत दर्ज करा लेते हैं। इसके लिए डीएम कृष्णा करुणेश लगातार आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के समाधान के लिए निर्धारित समय पर निस्तारित करने पर निर्देश देते हैं। जिले भर से आने वाली समस्याओं के निस्तारण को लेकर तहसील के जिम्मेदार एसडीएम तहसीलदार और कानूनगो कहीं न कहीं उदासीन नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि गोरखपुर जिले की तहसीलों की रैंक भी गिरी है।आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों को तय समय में ही निस्तारित करना होता है। लेकिन गोरखपुर में स्थिति इससे बिलकुल अलग है। 

आईजीआरएस पोर्टल पर कुल 97,187 मामलों में 95,211 मामलों को निस्तारित कर दिया गया है। लेकिन 39 ऐसे मामले हैं, जो डिफाल्टर हैं। वहीं, 1937 मामले आज भी लंबित हैं। जिसे निस्तारित किया जाना है। सबसे ज्यादा मामले डीएम और एसएसपी के संदर्भ में ही लंबित हैं।


15 दिन में करना है निस्तारित

वहीं, डीएम कृष्णा करूणेश ने जिला स्तरीय अधिकारियों संग बैठक कर इस संबंध में निर्देशित किया कि IGRS पर आने वाली शिकायतों को निर्धारित समय पर निस्तारित किया जाए। इसके लिए प्रतिदिन एक घंटे का समय निर्धारित किया जाए। प्रतिदिन लंबित मामले की समीक्षा कर उसे निस्तारित करवाया जाए। 15 दिन के भीतर समस्याओं का समाधान किया जाना है।


गोरखपुर तहसीलों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट


तहसील सितंबर- 2022 अगस्त- 2022

कैंपियरगंज 45 76

चौरीचौरा 61 1

सहजनवां 92 36

गोला 104 17

खजनी 141 100

बांसगांव 174 9

सदर 205 100

सितंबर महीने की आईजीआरएस रिपोर्ट


संदर्भ समस्त निस्तारित डिफाल्टर लंबित

मुख्यमंत्री 3220 3153 7 60

डीएम 26,251 25,520 15 716

संपूर्ण समाधान दिवस 11,273 11,036 2 235

ऑनलाइन प्राप्त 4291 4282 5 4

कमिश्नर 19 19 0 0

भारत सरकार पीजी पोर्टल 2407 2387 5 15

उप मुख्यमंत्री 49 49 0 0

शासन, राजस्व परिषद 109 102 0 7

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 6530 6498 0 32

एसएसपी 21,796 21,004 5 787

आर्थिक मदद 5624 5562 0 62

महिला हेल्प डेस्क 20 20 0 0

एंटी भू-माफिया 3158 3140 0 18

राज्यपाल 31 31 0 0

सीएससी-लोकवाणी 4 4 0 0

अनुमोदन हेतु प्राप्त-सी 4518 4518 0 0

फीडबैक पर कार्यवाही 7887 7886 0 1

कुल 97187 95211 39 1937


डीएम कृष्णा करुणेश ने कहा, "जन सुनवाई पोर्टल पर आने वाली सुनवाई के लिए लगातार विभागों को निर्देशित किया जाता है कि वह गुणवत्तापूर्ण निस्तारित करें। समय से निस्तारित कर रिपोर्ट लगाए, लेकिन रैंकिंग पिछले महीने अच्छी थी, इस महीने परफॉर्मेंस खराब होने की वजह पूछी जाएगी। इसे और सख्ती से निस्तारित करवाया जाएगा।"

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