गुमा नारी में प्रधान ,सचिव से होगीं क्षति की वसूली, कलक्टर बस्ती

कौटिल्य वार्ता
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 बस्ती 13 सितम्बर 


, जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने बनकटी के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गूमानारी के क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवाल के लिए पूर्व ग्राम सचिव सर्वेश कुमार को चार्जशीट देने का निर्देश दिया है। बाउंड्रीवाल निर्माण की बीडीओ बनकटी तथा ए ई पीडब्ल्यूडी जॉच कर रिपोर्ट देंगे। रिपोर्ट के आधार पर ग्राम प्रधान एवं ग्राम सचिव से नुकसान की वसूली की जायेंगी। उन्होने तत्काल विद्यालय की बाउंड्रीवाल बनवाने एवं गेट लगवाने का निर्देश दिया है।

उन्होने बरसात में बच्चों के कक्षा तक पहुॅचने की दिक्कत को देखते हुए निर्देश दिया कि स्कूल के बीचोबीच रास्ता बनवाये तथा एक तरफ खेल का मैदान एवं दूसरी तरफ पोषणवाटिका तैयार करें। विद्यालय के निरीक्षण में उन्होने पाया कि 92 में 30 बच्चे उपस्थित थे। कुल 77 बच्चों का डीवीटी के माध्यम से डेªस, जूता, मोजा एवं बैग का पैसा खाते मे गया है। विद्यालय में टाइल्स नही लगा है, जबकि विद्यालय ए श्रेणी का है। प्रभारी प्रधानाध्यापक दिनेश त्रिपाठी ने विद्यालय के बारे में आवश्यक जानकारी दिया।
जिलाधिकारी ने विद्यालय के बगल स्थिल विद्यालय की भूमि का निरीक्षण किया तथा इसकी बाउंड्री न कराये जाने पर नाराजगी व्यक्त किया। इस भूमि के बगल में स्थित तालाब का उन्होने निरीक्षण किया तथा इसका जीर्णोद्धार न कराये जाने पर बीडीओ धनेश यादव को चेता

वनी दिया। उन्होने कहा कि विद्यालय को आदर्श विद्यालय के रूप में स्थापित करें।

वृहद गोशाला का निरीक्षण-
विद्यालय से 500 मीटर आगे गूमारानी वृहद गोआश्रय स्थल सिरौता का जिलाधिकारी ने निरीक्षण किया। 200 पशुओं की क्षमता वाले इस गोशाला का क्षेत्र पंचायत से बाउंड्रीवाल बनाने का उन्होने निर्देश दिया। उन्होने गोशाला के भीतर भूमि समतल करने का निर्देश दिया। नाद पर पशु बाधने के लिए कुंडी न लगाये जाने पर उन्होने नाराजगी व्यक्त किया। उन्होने निर्देश दिया कि यह कार्य तत्काल कराये। उन्होने परिसर में वृक्षारोपण करने का भी निर्देश दिया। सहायक अभियन्ता पीडब्ल्यूडी प्रियंक मणि त्रिपाठी को जिलाधिकारी ने जल निकासी के लिए नाली का स्टीमेट बनाने का निर्देश दिया। इस अवसर पर सीबीओ डा. अश्वनी तिवारी, ब्लाक युवा कल्याण अधिकारी अरूण कुमार पाण्डेय तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
पीएचसी बनकटी का निरीक्षण- के दौरान चीफ फार्माशीस्ट मानक के अनुसार दवाओं की उपलब्धता की जानकारी नही दे पाये। वे यह भी नही बता पाये कि कितनी दवाए स्टाक मे उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मेडिसिन स्टाक रजिस्टर का निरीक्षण किया परन्तु उसमें भी दवाओं की सूची बेतरतीब लिखी पायी गयी। उन्होने दवाओं की सूची बाहर भी दीवार पर लिखवाने का निर्देश दिया। निरीक्षण में उन्होने पाया कि ओपीडी में 95 मरीज में देखे गये है परन्तु लैब द्वारा उनकी जॉचे कम की गयी है। पीएचसी पर एंटी रैबीज की 80 तथा सॉप काटने की 10 वायल इंजेक्शन उपलब्ध है। आशा बहनो तथा प्रेरणा कैंटीन की स्वयं सहायता समूह की सदस्यों ने पिछले कई माह से भुगतान न प्राप्त होन की जानकारी जिलाधिकारी को दिया।
उन्होने निरीक्षण में पाया कि अस्पताल का भवन जगह-जगह पर क्षतिग्रस्त हो गया है उन्होने बीडीओ को निर्देश दिया कि क्षेत्र पंचायत निधि से इसकी मरम्मत कराये। आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए उन्होने ग्राम सचिव, रोजगार सेवक के मोबाइल में ऐप डाउनलोड कराने का निर्देश दिया। एमओआईसी डा. राजेश कुमार ने बताया कि केवल 04 आशाओं के मोबाइल के यह ऐप डाउनलोड है। ब्लाक में कुल 182 आशा तथा 09 आशा संगीनी है। उन्होने लैब के बाहर लैब में की जाने वाली जॉचों की सूची लिखवाने का निर्देश दिया। उन्होने मातृ एंव शिशुकल्याण केन्द्र में डिलेवरी रूम का भी निरीक्षण किया।
हर घर जल-योजना का निरीक्षण जिलाधिकारी ने गनौरा गॉव में किया। ग्रामवासियों ने बताया कि उन्हें टेप वाटर प्राप्त हो रहा है। जल निगम के अधिशासी अभियन्ता महेन्द्रराम ने बताया कि ओवरहेड टैंक का निर्माण चल रहा है। सोलर सिस्टम के द्वारा घरों में सीधे जलपूर्ति की जा रही है। गॉव के 285 घरों में पानी पहुॅच रहा है। जिलाधिकारी ने इस पेयजल परियोजना को सितम्बर के अन्त तक पूरा करने का निर्देश दिया।

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