लखनऊ/बादा
बांदा कृषि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पद की नियुक्तियों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। खुद बीजेपी विधायक बृजेश प्रजापति ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि इसमें आरक्षण से जुड़े नियमों की अनदेखी की गई है। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर हमले शुरू कर दिए हैं। अब कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं
अभी सिद्धार्थ विश्वविद्यालय का सतीश दिवेदी के भाई का मामला शांत ही हुआ कि बादा में 15 मेसे 11 प्रोफेसर ठाकुर विरादरी का नियुक्त कर घटिया कार्य कुलपति ने करडला कृषि मंत्री ने संज्ञान लेकर कार्यवाई आरम्भ कर दी है।शिकायत कर्ता बीजपी विधायक ब्रजेश प्रजापति ने पीएमओ को इस भ्र्ष्टाचार की शिकायत की है.
बांदा कृषि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पद की नियुक्तियों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। खुद बीजेपी विधायक बृजेश प्रजापति ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा है कि इसमें आरक्षण से जुड़े नियमों की अनदेखी की गई है। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर हमले शुरू कर दिए हैं। अब कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने इस मामले में जांच के आदेश दिए
कृषि विश्वविद्यालय बांदा में प्रवक्ताओ के 20 पदों पर भर्ती निकली थी। इसमें 18 सामान्य और 2 पिछड़े वर्ग के लिए पद आरक्षित थे। नियुक्ति का रिजल्ट 1 जून को घोषित हुआ था। सामान्य वर्ग में चुने गए 15 प्रफेसरों में से 11 ठाकुर जाति के बताए गए हैं।
इस पर बीजेपी विधायक बृजेश प्रजापति ने पीएम नरेंद्र मोदी, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ को लेटर लिखकर शिकायत की है। इसमें कहा गया है कि इन नियुक्तियों में आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया है।
पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता उदित राज व आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी योगी सरकार पर हमला किया है। संजय सिंह ने कहा कि योगी बताएं कि अगर 15 में से 11 भर्ती एक जाति की हुई तो आरक्षण का क्या हुआ।