प्रदेश में जिला पंचायत चुनाव में बीजेपी अपने जनपतिनिधियो की गुणा गणित की समीक्षा कर रही है!

बस्ती

 उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव के प्रथम चरण पूर्ण हो जाने के बाद से भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में हार जीत के गुणा गणित को लेकर के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश संगठन मंत्री ने मिलकर जिला अध्यक्षों के व क्षेत्रीय अध्यक्षो के साथ मंथन आरंभ कर दिया है. मंथन में इस बात का जिक्र है कि किन कारणों से पार्टी को अनपेक्षित का मुंह देखना पड़ा जनप्रतिनिधियों की क्या भूमिका रही एमएलए और एमपी इस दिशा में कितने सक्रिय रहे इन सारी चीजों के परिप्रेक्ष्य में चुनाव परिणामों को मिशन 2022 के लक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है .

प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह एवं महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने पंचायत चुनाव के परिणामों को क्षेत्र व जिलेवार समीक्षा आरंभ कर दी है. वर्चुअल संवाद के माध्यम से जिला व क्षेत्रीय अध्यक्षों से उनके क्षेत्र में पार्टी के प्रत्याशियों के प्रदर्शन का पोस्टमार्टम किया जा रहा है .सूत्रों का कहना है कि पंचायत चुनाव के संगठनात्मक तैयारियों के अनुरूप परिणाम नहीं मिल पाने के नेतृत्व को चिंता बढ़ना स्वाभाविक है .

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह की मौजूदगी में शीर्ष पदाधिकारियों के पथम दौर की बैठक अयोध्या और मथुरा जैसे क्षेत्रों में मंथन किया गया हालांकि गोरखपुर क्षेत्र का मंथन अभी बाकी है. अनपेक्षित परिणामों को देखते हुए फिलहाल इसको गम्भीरता से लिया जा रहा है. अगर परिणाम अच्छे नहीं आए तो उसकी समीक्षा भी हो रही है समीक्षा के बाद संगठन में आंशिक बदलाव की संभावना भी है .

सूत्रों का कहना है कि निष्क्रिय पदाधिकारियों को बदलकर नए चारों को स्थान दिया जा सकता है, वही रिक्त पदों पर तैनाती भी की जा सकती है क्षेत्रीय पदाधिकारियों एवं उनके परिजनों ने चुनाव लड़ा उनका त्यागपत्र हो गया था उनके पद  पर नियुक्ति जल्द की जाएगी .जिन सांसदों के क्षेत्र में प्रदर्शन खराब रहा उनके बारे में छानबीन की जा रही है ,चुनाव प्रचार में दिलचस्पी नहीं लेने वाले जनप्रतिनिधियों ने केवल औपचारिकता निभाने वालों की जानकारी आ रही है.

 सूत्रों का कहना है कि बागियों को बढ़ावा देने वाले और पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव प्रचार करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है विधायकों सांसदों के अलावा वरिष्ठ पदाधिकारियों पर  भी नजर रखी जा रही है .ऐसे नेताओं के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है जिन्होंने अपने परिजनों को  चुनाव नहीं जीत सके जानकारी की बातें सामने आई हैं .आने वाले दिनों में फिलहाल जिला पंचायतों के चुनाव कोरोना के कारण रोक दिए गए है,पर पार्टी की समीक्षा जारी है.

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