बिकरुकाण्ड के बाद भी हुआ यूपी पुलिस पर हमला, लेकिन पुलिस पर फिर?????!

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मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ

कासगंज में जिस दिन शराब माफियाओं द्वारा सिपाही की हत्या की गयी उसी दिन राजधानी में पुलिस बल के साथ भूमाफियाओं से अवैध कब्जा हटवाने गयी पीसीएस अधिकारी को अंजाम भुगतने की धमकी दी गयी। हरदोई रोड स्तिथ अल्लू नगर डिगरिया में लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा अर्जित जमीन पर अवैध कब्जे हटाने गईं एलडीए की संयुक्त सचिव ऋतु सुहास को भू माफिया एवं उनके गुर्गों ने घेर लिया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस के चलते भू माफिया को बैरंग भागना पड़ा। संयुक्त सचिव ने बताया कि घैला गांव की जमीन को एलडीए ने आर्जित कर रखा है। इसके बावजूद भूमाफिया इस बात से अनजान लोगों को जमीनें बेच रहें हैं। प्लॉट पर अवैध रूप से कब्जा दे रहें हैं। 





18 जनवरी 2021 को मेरठ के दौराला स्थित रुहासा गांव में वांछित गोतस्कर को पकडऩे गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। स्वजन और ग्रामीणों ने पुलिस को दौड़ाकर पीटा और पथराव कर आरोपित को छुड़ा लिया। हमले में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए और दो वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। घायल पुलिसकर्मियों का सीएचसी में इलाज कराया गया। पुलिस ने 12 हमलावरों को नामजद करते हुए 18 पर मुकदमा दर्ज किया है। 


दौराला थाना क्षेत्र के रुहासा गांव निवासी मुव्वसिर पुत्र बुंदू गोवंश की चोरी और गोकुशी के मुकदमे में वांछित चल रहा है। सोमवार को दौराला थाना पुलिस की टीम पुलिस जिप्सी व कार से उसे पकडऩे गई थी। मकान की घेराबंदी कर पुलिस ने मुव्वसिर को दबोच लिया। पुलिस टीम जब उसे सरकारी गाड़ी में बैठाकर ले जा रही थी, तभी स्वजन और ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर मुव्वसिर को छुड़ाकर भगा दिया।




इससे पहले मथुरा जनपद में 15 अगस्त 2020 रात यमुना किनारे गश्त कर रहे दो पुलिस कांस्टेबल पर खनन माफिया के लोगों ने हमला कर उन्हें घायल कर दियासिपाहियों की शिकायत पर खननकर्ताओं के गांव में दबिश देकर पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य भाग गये थे।



 2 जनवरी 2021 को कानपुर के हिस्ट्रीशीटर रेहान उर्फ गुड्डू को पकड़ने गई बेकनगंज पुलिस टीम पर आरोपितों के साथियों ने पथराव कर दिया। यहाँ तक कि पुलिस से मुहल्ले के लोग भी भिड़ गए। किसी तरह बेकनगंज थाने के दरोगा व सिपाही वहाँ से किसी तरह भाग कर जान बचाये। टॉप 10 अपराधी को पकड़ने पहुँची पुलिस से लोग भिड़ गए थे। वहीं महिलाओं ने कपड़े फाड़कर हंगामा किया। अराजक तत्वों ने छतों से पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। बवाल की जानकारी पर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुँची, लेकिन तब तक हिस्ट्रीशीटर अपने भाइयों के साथ रफूचक्कर हो चुका था।







उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि प्रदेश में जब से योगी सरकार बनी तब से पुलिस बल का मनोबल गिरा है। किसी सरकार में इतने पुलिसकर्मियों की शहादत नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री बोलते हैं "ठोंक दो" और पुलिस बोलती ठांय-ठांय। सरकार के संरक्षण में पलने वाले अपराधी पुलिसकर्मियों की हत्या करने से भी नहीं डरते। बिकरुकाण्ड की सही जांच हुई होती तो सरकार की हकीकत सामने आ जाती। राजनैतिक विरोधियों को कागज में अपराधी बना कर उनका घर गिराया जा रहा है। आगामी विधानसभा सत्र में सरकार को जवाब देना पड़ेगा। विधानसभा में कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्र "मोना" ने कहा कि भाजपा सरकार यह नहीं तय कर पायी कि उसकी क्या प्राथमिकता है। यह लोग केवल सरकारी संस्थानों को बेचने और पुलिसकर्मियों की शहादत के लिये याद किये जायेंगे। इस सरकार में कोई सुरक्षित नहीं है।

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