भारत स्वाभिमान न्यास स्थापना दिवस स्वामी दयानंद पूर्व माध्यमिक विद्यालय सुर्तीहट्टा पुरानी बस्ती, बस्ती के प्रांगण में यज्ञ के साथ मनाया गया।

यज्ञाचार्य देवव्रत आर्य के ब्रह्मत्व मे  श्री नवल किशोर चौधरी ने यज्ञमान बनकर यज्ञ को सम्पन्न किया।

 बस्ती


यज्ञ  के पश्चात भारत स्वाभिमान के पदाधिकारियों ने क्रमशः  भारत स्वाभिमान न्यास के स्थापना,  किए गए कार्यों तथा संगठन के वर्तमान स्थिति तथा भविष्य  के योजनाओं पर प्रकाश डाला ।

भारत स्वाभिमान के कोषाध्यक्ष श्री नवल किशोर चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत स्वाभिमान न्यास अपने स्थापना काल से देश में योग, आयुर्वेद ,स्वदेशी, वैदिक संस्कृत के उत्थान के लिए के निरंतर क्रियाशील है।

 कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुभाष वर्मा जिला प्रभारी पतंजलि योग समिति ने कहा कि योग के माध्यम से लोगों को स्वस्थ, निरोग रखने की परिकल्पना हेतु  इस ट्रस्ट की स्थापना किया गया जो फलीभूत नजर आ रहा है। कोरोना काल में भारत स्वाभिमान न्यास  के लोगों ने जन सेवा,  जन सहयोग तथा  अन्य माध्यमों से समाज में अपनी उपस्थिति का बोध कराया है और यह निश्चित रूप आगे भी प्रत्येक परिवार, समाज, राष्ट्र एवं  विदेश में भी अपने वर्चस्व को स्थापित करेगा ।

 भारत स्वाभिमान समिति बस्ती के जिला प्रभारी ओम प्रकाश आर्य ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि भारत स्वाभिमान न्यास के माध्यम से योग गुरु स्वामी रामदेव द्वारा 638365 गांव तक योग को पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर निरंतर कार्य किया जा रहा है। यह न्यास 5 जनवरी 2009 को दिल्ली में पंजीकृत कराया गया इसका उद्देश्य गरीबी, भूख, अपराध ,शोषण मुक्त समाज एवं स्वच्छ भारत का निर्माण करना है। इस न्यास का प्रमुख उद्देश्य भारत के सोये हुए  स्वाभिमान को जगाने के लिए अखिल भारतीय स्तर पर एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन खड़ा करना है।इस न्यास के कार्यकर्ता  देश के लोगों को अपनी संस्कृति, योग अध्यात्म से अवगत कराने के साथ-साथ देश से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में खुद की भी अग्रणी भूमिका निभाते हैं। इस ट्रस्ट का मुख्य लक्ष्य है  राष्ट्रवादी सोच, स्वदेशी अपनाना,भारत का एकीकरण करना,  एवं  योग उन्मुख राष्ट्र बनाना है। स्वामी रामदेव जी ने भष्ट्राचार व्याभिचार,अस्पृश्यता, अनैतिकता का  समूल नाश करने के लिए ही इस न्यास को स्थापित किया हैं । समाज देश में भारतीय संस्कृति की स्थापना, विदेशी संस्कृति का विनाश, योग को भारत ही नहीं अपितु पूरे विश्व में स्थापित करने के लिए संकल्पित है। उनके सपनों को साकार करने के लिए  भारत स्वाभिमान न्यास का प्रत्येक कार्यकर्ता तन मन धन से लगा हुआ है ।

कार्यक्रम के अन्त में  श्री आदित्य नारायण गिरि ने समस्त के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वामी रामदेव निस्वार्थ भाव से देश की सेवा में लगे हैं। वह भारत के कई राज्यों में गुरूकुल की स्थापना कर भारत में पुनः ऋषि परम्परा को स्थापित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है ।समस्त का आभार व्यक्त करते हुए अपने उद्देश्य में सफल होने के लिए सभी को शुभकामनाएँ दी ।

कार्यक्रम में मुख्य रुप से श्री नवल किशोर आर्य, श्री सुभाष वर्मा, श्री देवव्रत आर्य ,आदित्य नारायण, अरविंद श्रीवास्तव, दिनेश मौर्य, अनूप त्रिपाठी, राधा देवी, शिव श्याम, रामप्रताप ,अजय चौधरी, सुभाष सोनी आदि  लोगों ने उपस्थित होकर इस कार्यक्रम को सफल बनाया।.


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