झांसी से अपहृत डॉक्टर डकैतों के चंगुल से निकलकर एमपी के मुरैना में मिला!



मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ

 शुक्रवार को झांसी से रहस्यमय ढंग से लापता हुए डॉ. आरके गुरबक्सानी शनिवार सुबह मुरैना सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गांव हिंगोना में मिले। डॉक्टर के पैर लोहे की जंजीर से बंधी थी। बताते हैं कि डॉक्टर का अपहरण फिरौती के लिये किया गया था। मुरैना पुलिस की सूचना पर डॉक्टर के परिजनों के साथ झांसी पुलिस मुरैना रवाना हो गई। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि डॉक्टर शुक्रवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, इसके बाद से उनका पता नहीं चला। पुलिस लगातार परिवार के सम्पर्क में रहकर डॉक्टर की खोजबीन कर रही थी। उन्होंने बताया कि अपहरणकर्ताओं का फिरौती सम्बंधी कोई फोन नहीं आया था। डॉक्टर को झांसी लाने के बाद पूरी घटना की


जानकारी हो सकेगी। 



सीपरी बाजार की संगम बिहार कालोनी निवासी 62 वर्षीय डॉ आरके गुरबक्शानी रोज के भांति शुक्रवार सुबह करीब साढ़े चार बजे मॉर्निंग वॉक के लिये घर से निकले थे। दोपहर तीन बजे तक घर वापस न आने पर परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस डॉक्टर की तलाश में सुरागरशी कर रही थी, लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं चला। शनिवार सुबह मध्य प्रदेश के मुरैना सिविल लाइन थाना पुलिस ने झांसी पुलिस को बताया कि डॉ आरके गुरबक्शानी गांव हिंगोना के पास मिले। उनके पैर लोहे की जंजीर से जकड़े थे। वह कोहनी के बल पर करीब आधा घण्टे तक घिसटते हुए जंगल से गांव हिंगोना पहुंचे थे। 



डॉक्टर ने मुरैना पुलिस को बताया कि कुछ हथियारबंद बदमाशों ने उनको चार पहिया वाहन में अपहरण किया था। बदमाश एक मरीज के परिजन बनकर इलाज के लिए डॉक्टर को ले जाने के बहाने आए थे। वह ददुआ के नाती के इलाज की भी बात कर रहे थे। डॉक्टर के अपहरण का अलर्ट घोषित के बाद बदमाश उन्हे जंगल के रास्ते लेकर जा रहे थे। जंगल में उनके पैर लोहे की जंजीर से बांधने के बाद सभी आराम करने लगे, तभी वह मौका पाकर हाथ की कोहनी के बल पर घिसटते हुये करीब आधा किलोमीटर दूर पहुंचे। इससे बाद किसी तरह जंगल से बाहर निकले। जंगल से बाहर निकले तो एक खेत के किनारे थे। यहां गांव के लोगों की उन पर नजर पड़ गई।


डॉक्टर ने पूछा कि वह कहां पर हैं अभी तो गांव के लोगों ने बताया कि यह मध्य प्रदेश का मुरैना जिला है और इस समय वह हिंगोना गांव की जमीन पर हैं। इसके बाद गांव के लोगों ने डायल 100 को सूचना दी। डायल 100 मौके पर पहुंची और डॉक्टर को सिविल लाइंस थाना पहुंचाया। डॉक्टर ने बताया कि अपहरणकर्ताओं की संख्या तीन थी और वह फिरौती मांगने की बात कह रहे थे।


एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि डॉक्टर के लातपा होने का मामला दर्ज कर छानबीन की जा रही थी। चित्रकूट के डाकू ददुआ के नाती के इलाज पर एसएसपी ने कहा कि ऐसी कोई जानकारी अभी नहीं मिली है। न ही बदमाशों ने फिरौती के लिये कोई कॉल की है। क्योंकि पुलिस लगातार परिजनों के सम्पर्क में थी। डॉक्टर के झांसी आने पर स्थिती स्पष्ट हो सकेगी।

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