शुगर लेस प्लांट की चीनी से अनेकानेक संस्थान व समूह होंगे लाभान्वित!


गोरखपुर,9 दिसम्बर 20

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने पिपराइच चीनी मिल और मुण्डेरवा चीनी मिल में शूगरलेस प्लान्ट के लोकार्पण कार्यक्रम के अवसर पर कहा कि प्रदेश में सुगरलेस का पहला प्लान्ट है, रिफाइन सुगर यहा पर बनेगी जो दुनिया के बड़े बड़े होटलों, चिकित्सालयों एवं दवाई कंपनियों तथा अन्य संस्थाओं में मुण्डेरवा एवं पिपराइच चीनी मिल की चीनी जायेगी जिससे दोनांे जनपदों का नाम होगा, स्वाभाविक रूप से पिपराइच क्षेत्र कुशीनगर जनपद या पूर्वी उ0प्र0 तथा बस्ती संतकबीरनगर सिद्धार्थनगर जनपद के किसान के द्वारा उत्पादन करने वाला गन्ना, चीनी के माध्यम अब देश और दुनिया में भी एक नई पहचान बनायेगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उ0प्र0 का हर एक कस्बा किसी न किसी चीनी मिल पर आधारित है, यहां किसानों की आजीविका, नौजवानों का रोजगार और नौकरी तथा व्यापारियों के व्यापार का माध्यम यह चीनी मिले थी। एक वर्ष में पुरानी चीनी मिलों में 12 लाख कुन्तल गन्ने की पेराई होती थी अब पिपराइच एवं मुण्डेरवा दोनों चीनी मिलों में एक वर्ष में 45-45 लाख कुन्तल गन्ने की पेराई हो रही है और किसानों को उनके गन्ने के मूल्य का भुगतान समय से हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल खण्ड में हमारे सामने चुनौती थी की चीनी मिले कैसी चलेंगी लेकिन प्रदेश की 119 चीनी मिले संचालित की और 119 चीनी मिलों को संचालन करने साथ साथ अब उ0प्र0 के अन्दर 01 लाख 12 हजार करोड़ रूपये के गन्ना मूल्य का रिकार्ड भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी को कई गुना बढ़ाने, चेहरे पर खुशहाली लाने हेतु उ0प्र0 शासन का और भारत सरकार एक अभियान है।

गोरखपुर 9 दिसम्बर 20। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिपराइच चीनी मिल और मुण्डेरवा चीनी मिल में शूगरलेस प्लान्ट के लोकार्पण कार्यक्रम के अवसर पर कहा कि प्रदेश में सुगरलेस का पहला प्लान्ट है, रिफाइन सुगर यहा पर बनेगी जो दुनिया के बड़े बड़े होटलों, चिकित्सालयों एवं दवाई कंपनियों तथा अन्य संस्थाओं में मुण्डेरवा एवं पिपराइच चीनी मिल की चीनी जायेगी जिससे दोनांे जनपदों का नाम होगा, स्वाभाविक रूप से पिपराइच क्षेत्र कुशीनगर जनपद या पूर्वी उ0प्र0 तथा बस्ती संतकबीरनगर सिद्धार्थनगर जनपद के किसान के द्वारा उत्पादन करने वाला गन्ना, चीनी के माध्यम अब देश और दुनिया में भी एक नई पहचान बनायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उ0प्र0 का हर एक कस्बा किसी न किसी चीनी मिल पर आधारित है, यहां किसानों की आजीविका, नौजवानों का रोजगार और नौकरी तथा व्यापारियों के व्यापार का माध्यम यह चीनी मिले थी। एक वर्ष में पुरानी चीनी मिलों में 12 लाख कुन्तल गन्ने की पेराई होती थी अब पिपराइच एवं मुण्डेरवा दोनों चीनी मिलों में एक वर्ष में 45-45 लाख कुन्तल गन्ने की पेराई हो रही है और किसानों को उनके गन्ने के मूल्य का भुगतान समय से हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल खण्ड में हमारे सामने चुनौती थी की चीनी मिले कैसी चलेंगी लेकिन प्रदेश की 119 चीनी मिले संचालित की और 119 चीनी मिलों को संचालन करने साथ साथ अब उ0प्र0 के अन्दर 01 लाख 12 हजार करोड़ रूपये के गन्ना मूल्य का रिकार्ड भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी को कई गुना बढ़ाने, चेहरे पर खुशहाली लाने हेतु उ0प्र0 शासन का और भारत सरकार एक अभियान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास में यहां के किसानों की बड़ी भूमिका है और किसान भाइयों के लिए पिछले 6़ वर्षों के अन्दर प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में वृहद और व्यापक कार्यक्रम चले है, उसे देखते हुए आज आवश्यकता है कि सही तथ्य किसान बंधुओं के सामने पहुंचना ही चाहिए। आजादी के बाद 60-65 वर्ष के दौरान किसान के हित में जितना कार्य नही हुआ है उतना प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में मात्र 6 वर्ष के दौरान कार्य हुआ। उन्होंने कहा कि किसानों की उपज बढ़ाने के लिए  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से उसे तकनीक के साथ जोड़ करके वन ड्राप मोर क्राप के साथ जल के संरक्षण के साथ साथ किसानों को सब्सिडी देने का कार्य किया गया इसके साथ ही मृदा परीक्षण के कार्यक्रम आगे बढ़ाने का कार्य तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य भी देने का कार्य किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत दो करोड़ 20 लाख से अधिक किसानों को लगभग 4 करोड़ 43 लाख रूपये उनके खातों में सीधे भेजा गया हैं। उन्होंने कहा कि सबको षडयन्त्र के प्रति सचेत एवं जागरूक रहना होगा, आज गांव गांव में सड़के बन रही है तथा विकास का कार्य तीब्र गति से चल रहा है। उन्हांेेने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार विकास के साथ साथ लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रही है। आज ही 3209 नलकूप आपरेटरों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर में मेडिकल कालेज बन रहे है, गोरखपुर में एम्स का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि कोरोना में सबसे बड़ा प्रदेश होने के बाद भी प्रदेश सरकार, प्रशासन, जन प्रतिनिधि ने टीम भावना के रूप में कार्य कर मृत्यु दर को कम किया जिससे कोरोना से बचाव के कार्य को डब्लू.एच.ओ. द्वारा भी सराहा गया। उन्होंने कहा कि यह कार्य प्रदेश की़ जनता को बचाने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए प्रदेश की जनता एक परिवार है जिसकी सुरक्षा देने के लिए कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि चीनी मिल चलाने के साथ साथ यहां पर डिस्टलरी प्लान्ट को आगे बढ़ाने के साथ साथ युवाओं को स्वतः रोजगार से जोड़ने के लिए गन्ने के जूस एवं अच्छे गुड़ के निर्माण एवं पैकेजिंग आदि के लिए प्रशिक्षित किया जाये इससे अधिक संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा।
इस अवसर पर सांसद रविकिशन एवं विधायक पिपराइच महेन्द्रपाल सिंह ने भी लोगों को सम्बोधित किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न जन प्रतिनिधि गण एवं अधिकारी गण तथा किसान उपस्थित रहे।



मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास में यहां के किसानों की बड़ी भूमिका है और किसान भाइयों के लिए पिछले 6़ वर्षों के अन्दर प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में वृहद और व्यापक कार्यक्रम चले है, उसे देखते हुए आज आवश्यकता है कि सही तथ्य किसान बंधुओं के सामने पहुंचना ही चाहिए। आजादी के बाद 60-65 वर्ष के दौरान किसान के हित में जितना कार्य नही हुआ है उतना प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में मात्र 6 वर्ष के दौरान कार्य हुआ। उन्होंने कहा कि किसानों की उपज बढ़ाने के लिए  प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना तथा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से उसे तकनीक के साथ जोड़ करके वन ड्राप मोर क्राप के साथ जल के संरक्षण के साथ साथ किसानों को सब्सिडी देने का कार्य किया गया इसके साथ ही मृदा परीक्षण के कार्यक्रम आगे बढ़ाने का कार्य तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य भी देने का कार्य किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत दो करोड़ 20 लाख से अधिक किसानों को लगभग 4 करोड़ 43 लाख रूपये उनके खातों में सीधे भेजा गया हैं। उन्होंने कहा कि सबको षडयन्त्र के प्रति सचेत एवं जागरूक रहना होगा, आज गांव गांव में सड़के बन रही है तथा विकास का कार्य तीब्र गति से चल रहा है। उन्हांेेने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार विकास के साथ साथ लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रही है। आज ही 3209 नलकूप आपरेटरों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर में मेडिकल कालेज बन रहे है, गोरखपुर में एम्स का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि कोरोना में सबसे बड़ा प्रदेश होने के बाद भी प्रदेश सरकार, प्रशासन, जन प्रतिनिधि ने टीम भावना के रूप में कार्य कर मृत्यु दर को कम किया जिससे कोरोना से बचाव के कार्य को डब्लू.एच.ओ. द्वारा भी सराहा गया। उन्होंने कहा कि यह कार्य प्रदेश की़ जनता को बचाने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए प्रदेश की जनता एक परिवार है जिसकी सुरक्षा देने के लिए कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि चीनी मिल चलाने के साथ साथ यहां पर डिस्टलरी प्लान्ट को आगे बढ़ाने के साथ साथ युवाओं को स्वतः रोजगार से जोड़ने के लिए गन्ने के जूस एवं अच्छे गुड़ के निर्माण एवं पैकेजिंग आदि के लिए प्रशिक्षित किया जाये इससे अधिक संख्या में युवाओं को रोजगार मिलेगा।
इस अवसर पर सांसद रविकिशन एवं विधायक पिपराइच महेन्द्रपाल सिंह ने भी लोगों को सम्बोधित किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न जन प्रतिनिधि गण एवं अधिकारी गण तथा किसान उपस्थित रहे।

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