बलरामपुर में दबंगों ने पत्रकार समेत दो को जला कर मार डाला! जिलाधिकारी ने पत्रकार के सुरक्षा के मांग की अनदेखी की- हेमंत तिवारी



मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ

 उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में एक पत्रकार के घर में भीषण आग लगने से एक युवक की जलकर मौत हो गई।इस घटना में पत्रकार राकेश सिंह निर्भीक गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के लिए उन्हें लखनऊ के ट्रामा सेंटर भेजा गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गयी। मृत्यु के पूर्व पत्रकार राकेश सिंह ने अपने बयान में बताया था कि दबंगों ने उनके घर में आग लगाकर जिंदा जलाने का प्रयास किया है। पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा ने दोका सामना को बताया कि तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूंछ-तांछ चल रही है। पुलिस को जरूरत हुई तो और लोगों को भी उठायेगी, पुलिस हर हाल में मामले के तह तक जाकर सच निकालने की कोशिश में है। 


उन्होंने बताया कि रात साढ़े ग्यारह के आस-पास पता चला कि पत्रकार राकेश सिंह निर्भीक के घर आग लगी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड सक्रिय हो गया था। आग इतनी भीषण लगी थी कि घर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और दीवार टूट कर गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में पत्रकार राकेश सिंह 90 प्रतिशत से ज्यादा जल चुके थे। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल में दिखाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। जबकि मकान के क्षतिग्रस्त हिस्से में एक युवक का बुरी तरह जला हुआ शव बरामद हुआ है।

 बलरामपुर में दबंगों ने पत्रकार समेत दो को जला कर मार डाला! 



जिलाधिकारी ने पत्रकार के सुरक्षा के मांग की अनदेखी की- हेमंत तिवारी


  यह शव पत्रकार राकेश सिंह निर्भीक के मित्र पिंटू साहू का है, जो घटना के समय राकेश सिंह के घर में ही मौजूद था।घटना कोतवाली देहात क्षेत्र के कलवारी गांव की है। अस्पताल में भर्ती पत्रकार राकेश सिंह ने बताया कि दबंगों ने उसके घर में आग लगाई है।गंभीर रूप से झुलस गए पत्रकार ने बताया कि कुछ नकाबपोश लोग उसके घर में घुसे थे, पहले मारपीट की उसके बाद घर के अंदर आग लगा दिया। बताया जाता है कि आग लगाए जाने के बाद बेडरूम और किचन का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दीवार टूट कर गिर गई थी। घटना के समय पत्रकार राकेश सिंह की पत्नी अपनी दो बेटियों के साथ मायके गई हुई थीं।इस भीषण हादसे में कई रहस्यों से अभी पर्दा उठना बाकी है।पुलिस तहकीकात में जुटी है लेकिन कई ऐसे साक्ष्य हैं जो गंभीर घटना की ओर इशारा करते हैं।

 मौके पर मौजूद रहे पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस तथ्यों के आधार पर छानबीन कर रही है। फॉरेंसिक टीम भी लगाई गई है और यह घटना कैसे हुई इसको लेकर छानबीन की जा रही है। इस वीभत्स घटना में पत्रकार समेत दो लोगों की मौत के बाद इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स उपाध्यक्ष और उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने बलरामपुर जिले में पत्रकार राकेश सिंह की जलाकर हुई जघन्य हत्या पर क्षोभ जताते हुए प्रदेश सरकार से कड़ी कारवाई की मांग की है। तिवारी ने कहा कि बलरामपुर जिले में तैनात अधिकारियों की नाक के नीचे बीते काफी समय से पत्रकारों का उत्पीड़न और उन पर हमले होते रहे हैं, पर सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया। बलरामपुर जिले में लंबे समय से तैनात जिलाधिकारी ने न केवल पत्रकार की सुरक्षा की मांग की अनदेखी की बल्कि कई पत्रकारों पर मुकदमे दर्ज कराया। जिलाधिकारी से दिवंगत पत्रकार ने अपनी हत्या की आशंका भी जताई थी। 

उन्होंने कहा कि बलरामपुर मे पत्रकार के घर पर दबंगों ने हमला बोल कर आग लगा दी जिसमें एक व्यक्ति की मौके पर जलकर मौत हो गई। बुरी तरह से जले पत्रकार राकेश सिंह की लखनऊ ट्रामा सेंटर में मौत हो गई। तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार अविलंब दोषियों को गिरफ्तार कर रासुका मे निरुद्ध करे और जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को हटाए। संवाददाता समिति अध्यक्ष हेमंत तिवारी व वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने प्रदेश सरकार से दिवंगत पत्रकार राकेश सिंह के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग के साथ ही आश्रित पत्नी को नौकरी देने का अनुरोध किया है।

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