अधिबक्ताओ की आवाज यस डी एम हटे फिर काम काज !

मिल्कीपुर,अयोध्या उत्तरप्रदेश


 


 उप जिलाधिकारी मिल्कीपुर अशोक कुमार शर्मा की कार्यशैली से नाराज मिल्कीपुर के अधिवक्ताओं ने उनके खिलाफ आस्तीन चढ़ा ली हैं। संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष ने मांगों का ज्ञापन देते हुए तहसील आंदोलन की चेतावनी दे दी है। अधिवक्ताओं ने ऐलान कर दिया है कि आगामी 23 सितंबर से तहसील परिसर में मांगों को लेकर अधिवक्ता धरना प्रदर्शन करेंगे।


 


 बताते चलें कि विगत काफी दिनों से मिल्कीपुर के अधिवक्ता एसडीएम की कार्यशैली को लेकर तहसील परिसर स्थित एसडीएम कोर्ट सहित तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के न्यायालय पर कार्य से विरत हैं। अधिवक्ताओं का एसडीएम के खिलाफ गुस्सा उस समय फूट गया था जब तहसील आए अधिवक्ता के मुवक्किल बरकत अली को एसडीएम अशोक कुमार शर्मा ने मास्क न लगाने  का हवाला देते हुए थप्पड़ जड़ दिया था। एसडीएम की कार्यशैली से नाराज होकर मिल्कीपुर के वकीलों ने संघ के अध्यक्ष और कुमार शुक्ला के नेतृत्व में एसडीएम के खिलाफ जमकर हंगामा काटा था और फैजाबाद रायबरेली रोड जाम कर मिल्कीपुर तहसील से हटाए जाने की मांग की थी ।


। इसके अलावां वकीलों के विरोध प्रदर्शन में सोने में सुहागा उस समय लग गया जब लेखपाल से मिलने आए भाजपा नेता विजय चौबे को तहसील दिवस के दौरान लेखपालों ने पिटाई कर दी थी। इस सबके चलते अधिवक्ताओं ने एसडीएम के खिलाफ अपनी मांगों को और बुलंद कर दिया था तथा आरोपी लेखपाल इनायतनगर थाने के पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा कायम किए जाने की मांग की थी। वकीलों का आरोप है कि उनकी मांगों के अनुरूप एसडीएम अशोक कुमार शर्मा का स्थानांतरण मिल्कीपुर तहसील से अब तक नहीं किया जा सका और न ही पीड़ित भाजपा नेता द्वारा दी गई तहरीर पर मुकदमा नहीं कायम किया जा सका है।


मिल्कीपुर अधिवक्ता संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष पवन कुमार शुक्ला के नेतृत्व में  सोमवार को वकीलों ने जिलाधिकारी को संबोधित अपनी मांगों का एक ज्ञापन तहसीलदार मिल्कीपुर को सौंपते हुए आगाह किया कि यदि 22 सितंबर तक एसडीएम का ट्रांसफर न किया गया और मामले में मुकदमा कायम न किया गया तो आगामी बुधवार 23 सितंबर से मिल्कीपुर के अधिवक्ता तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन करने को विवश होंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


 


 


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