सांसद संजय सिंह की फिर हूंकार, उत्तरप्रदेश में जातिवादी सरकार !

मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ


आम आदमी पार्टी के सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर गंभीर आरोप लगाते हुये कहा है कि उन्होंने 39 जिलों में 42 ठाकुर डीएम -एसपी पोस्ट किये हैं। अधिकतर जिलों में ठाकुर जाति के लोगों का कब्जा है। उन्होंने उन जिलों के नाम भी गिनाये जहां डीएम या एसपी ठाकुर तैनात हैं। मैनपुरी में महेंद्र बहादुर सिंह डीएम, अलीगढ़ में डीएम, एटा में सुनील सिंह एसएसपी, कासगंज में एसएसपी, प्रयागराज आईजी रेंज, कौशम्भी एसपी ठाकुर, बलिया डीएम ठाकुर, गौतमबुद्ध नगर सीईओ ठाकुर तैनात हैं। पिछले दिनों योगी सरकार ने मेरे खिलाफ लखनऊ में देश द्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है।


यूपी में जातिवादी सरकार है या नहीं, इसका हमने सर्वे कराया था। जिसमे 59 प्रतिशत लोगो ने माना था योगी सरकार जातिवादी है। इस लिए हमारे ऊपर मुकदमा किया गया। संत कबीर नगर में पुलिस अधीक्षक ठाकुर, महोबा डीएम, कानपुर देहात डीएम ठाकुर,लखनऊ जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ठाकुर, मुरादाबाद, रामपुर डीएम ठाकुर सहारनपुर में ठाकुर जिलाधिकारी तैनात हैं। जौनपुर दिनेश कुमार सिंह डीएम, बरेली एसएसपी ठाकुर तैनात है। ये तो डीएम-एसपी बताया हूँ, यदि सीएमओ, डीएसओ, डीआईओएस, बेसिक शिक्षा अधिकारी बता दूंगा तो पता नहीं क्या होगा।मैंने ये सच बताना तो मैं देश द्रोही हो गया हूं। योगी जी संविधान की शपथ लिये हैं उन्हें जातिवाद से परे रहना चाहिए।मैं भी संविधान की सपथ लेकर राज्यसभा में गया हूं, कोई सरकार जाती धर्म की राजनीति न करे।


उन्होंने कहा कि योगी जी को यदि और कोई जाति के अधिकारी नही मिल रहे हैं क्या उत्तर प्रदेश में राजभर, नाई, विश्वकर्मा, संख्या समाज के अधिकारी नही है।सत्ता की मलाई खाने वाले तमाम मंत्री अपने समाज के लोगो की आवाज नही उठा रहे है।संजय सिंह ने कहा कि 39 जिलो में ठाकुरों को अहम जिम्मेदारी दी गयी है।यही सच्चाई बताने पर मेरे ऊपर देश द्रोह का मुकदमा लिखवाया। उन्होंने कहा कि क्षत्रिय वो जो लोगो को क्षत्र दे, क्षत्री अपने लिए नही जीता।मुकदमा लिखवाने से मैं डरने वाला व्यक्ति नही हूँ। जब कहेंगे तब आकर गिरफ्तारी दे दूंगा। मैं अपने सर्वे पर पूरी तरह से कायम हूँ। उन्होंने कहा कि यदि हमें योगी जी ठाकुर होने का फायदा देते तो देश द्रोह नही लगाते। हमारा मानना है कि जातिवाद खत्म होना चाहिए सबके लिए काम होना चाहिए। उन्होंने पूछा कि मेरे सर्वे से कहा हिंसा हुई, कहाँ दंगे हुए? जब मेरे कारण कोई दंगा फसाद नहीं हुआ तो देश-द्रोह का मुकदमा क्यों दर्ज कराया।


योगी राज में महोबा में जो हुआ है उससे स्पष्ट है कि यूपी में खाकी की वसूली चल रही है, पुलिस की गुंडा गर्दी चल रही है। पीड़ित की मौत के पहले एक वीडियो वायरल हुआ था। उन्होंने नाम लेकर आरोप लगाया था। एसपी खुले आम घूम रहे है। एसआईटी की रिपोर्ट बताती है कि आत्म हत्या है। कानपुर के बिकरुकाण्ड में ख़ुशी दुबे को ही ले लीजिये।उसने बार-बार कहा कि वह घटना स्थल पर नही थी। तब 17 मुकदमे क्यो लगाये गये? जुलाई में कहा गया था कि खुशी दुबे को छोड़ा जाएगा लेकिन अब मुकदमे बढ़ाये जा रहे है।


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