आयुर्वेद में क्षमता है वैश्विक महामारी को पराजित करने की

कौटिल्य वार्ता
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बस्ती,उत्तर प्रदेश


कोरोना स्पेशल: अवश्य ही पढ़ें
जो एलोपैथी आज तक खांसी-जुकाम की कोई कारगर दवाई तक नहीं बना पाई, कोरोना को क्या रोक पाएगा? हाँ वैक्सीन अवश्य बना सकता है, मरीजों को ठीक भी  सकता है, लेकिन दवाई नहीं बना पायेगा.
जबकि आयुर्वेद में खाँसी-जुकाम के ढेरों उपाय है, इलाज है. 
देखा जाये तो कोरोना आखिर है क्या? है तो खाँसी ही ना? ये खांसी अंत में फेफडो पर असर करती है और मौत का कारण बनती है. लेकिन वायरस आधारित इस खांसी का इलाज एलोपैथी के पास नहीं.........हो भी नहीं पायेगा…………. जब साधारण खांसी तक का इलाज नहीं ढूंढ पाई. 
कोरोना एक कफ है पर ये एक सूखा कफ है। हमारे डाक्टर जितनी भी एंटीबायटिक दवाईयां देते हैं वो कफ को सुखाने के लिए देते है लेकिन ये पहले ही सूखा हुआ कफ है तो इस पर कोई असर नहीं होता। इसी वजह से इसका इलाज अभी तक नहीं ढूंढा जा सका क्योंकि वो अपने दायरे से हटकर नहीं सोच रहे।पर आयुर्वेद में इसका बहुत ही सरल व सीधा निदान है। आयुर्वेद में कहा गया है कि कफ की बीमारी की काटना सबसे आसान है।
जैसा कि आप जानते ही होंगे कि आयुर्वेद में खांसी-जुकाम को कोई रोग मानते ही नहीं, बल्कि अन्य रोगों का इफेक्ट या सिगनल मानते हैं.
हर खाद्य पदार्थ अपनी प्रकृति के अनुसार या तो कफनाशक (कफ को नष्ट करने वाले) होता है या कफवर्धक( कफ को बढाने वाले) होता है. अब हमें सीधा सा काम ये करना है कि कफवर्धक खाद्य वस्तुओं को खाना बंद करना है और कफनाशक चीजों का ज्यादा सेवन करना है. 
जब इस वायरस को अपने बढाने के लिए खाद्य पदार्थ ही नही मिलेगा और जो मिलेगा वह कफ को नष्ट करने वाला है तो यह वायरस ओटोमेटीकली नष्ट हो जाएगा. गलत कहा क्या मैंने? 
कफनाशक चीजें देख लिजिए


1. अदरक, हल्दी, तुलसी, काली मिर्च
2. शिलाजीत, मुलहठी, आमलकी रसायन.
3. जौं की रोटी, मूंग दाल, घिया, तोरी, जीरा, सेंधा नमक,
4. प्याज और लहसुन
5. मीठा अनार, चीकू, नारियल पानी, 
6. शहद, जो कि ना सिर्फ कफनाशक है, बल्कि एंटीबायोटिक और एंटीएलर्जिक भी है.
इस समय गेहू, चावल आदि खाना बंद कर दीजिये, सलाद और सूप ज्यादा ले.
कोरोना मरीज को सिर्फ अदरख, हल्दी, तुलसी और काली मिर्च (पाउडर रुप में) का काढा देते रहे। साथ ही गाय का दूध वो भी देशी हो तो सर्वोत्तम है, लेकिन भैंस का दूध कतई नहीं, क्योंकि भैंस का दूध कफवर्धक होता है. देशी गाय का घी भी सर्वोत्तम है. ये हार्ट के रोगी के लिये उलटे लाभकर है. 
6. इसके अलावा रोगी को सिर्फ गर्म पानी दे, इंसान का शरीर ठंडी चीज या पेय के हिसाब से बना ही नहीं. रोगी को भाप स्नान, नमक डले गर्म पानी का कुल्ला कराये. एयर कंडीसन का उपयोग तो जहर समान ही है. 
7. जैसा कि मैने आपको कुछ दिन पहले ही बताया था कि जोगिंग करने से अंदर का कफ बाहर निकल आता है. अभी कुछ दिन पहले ही कोरोना स्पेशल लेख में आपको कदमताल जोगिंग सिखाई थी, जो कि एक छोटी सी जगह में भी खडे-खडे ही की जा सकती है. जब शरीर में मेहनत होती है तो सबसे पहले कफ जलता है. ऐसा करने से कफ जलेगा और बाहर निकलेगा.
8. आपको कुछ दिन पहले ही मैंने भर्स्तिका प्राणायाम के बारे में बताया था. आपको ये भी बताया था कि सर्दी-खांसी के लिये बेहद कारगर है.
9. मेडिटेशन शरीर की कई सारी बीमारी को समाप्त कर देता है क्योंकि उसे ईश्वरीय उर्जा प्राप्त होने लगती है. साथ ही हमें अंदर की शांति प्रदान करता है. आने वाले समय में मानसिक रोगियो  की बाढ आने वाली है और इससे बचने का एक्मात्र उपाय है मेडिटेशन.
ये सारी बातें आप पर भी समान रूप से अप्लाइ होती है, ताकि आप पर कोरोना का असर ही ना हो पाये.
सबसे बडी बात...... अपना रेजिस्टेंस पावर बढाईये, रोग प्रतिरोधी क्षमता बढाये रखिये.... फिर कोरोना आपका क्या खाक उख़ाड लेगा?
कमल झंवर


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