प्रधानमंत्री के सन्देश का सार:स्वावलम्बी भारत

कौटिल्य वार्ता
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन......
⚫1 वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया।
⚫ऐसा संकट देखा है न सुना है।
⚫थकना, हारना,टूटना,बिखरना मानव को मंजूर नही। बचना भी है और आगे भी बढ़ना है।
⚫संकट में हमे संकल्प को मजबूत करना है।
⚫ 21 वी सदी भारत की हो,ये सपना ही नही जिम्मेदारी है।
⚫इसके लिए आत्म निर्भर भारत ही रास्ता है।आपदा को अवसर एवं संकल्प में बदलना है।
⚫भारत मे हर रोज 2 लाख PPE किट और 2 लाख न-95 मास्क बना पा रहे है।
⚫संबोधन में कोरोना की बात शुरुवात में कम की।सकारात्मक बातों पर फोकस।
⚫विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा 20 लाख करोड़ देश के लिए।
⚫ये पैकेज भारत की कुल जीडीपी का 10 ℅ है।
*मध्यम वर्ग, निचले तबके ओर लघु उद्योग को मिलेगा  लाभ*
⚫कल से वित्त मंत्री करेंगे पैकेज की विस्तार से घोषणा।
⚫ *कोरोना ने हमे लोकल मार्केट, लोकल चैन सबका मतलब हमे समझा दिया।* 
⚫ *समय ने हमे लोकल बनना सीखा दिया।* 
⚫ *लोकल के लिए वोकल बनना है।* 
⚫ *लोकल प्रोडक्ट उपयोग करते हुए उनका प्रचार भी करे।* 
⚫लॉक डाउन-4 नए रंग-रूप वाला होगा। कई नियम होंगे।
⚫18 मई के पहले लॉक डाउन नियम की होगी घोषणा
⚫करीब 33 मिनिट तक चलता रहा संबोधन।


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