बोर्ड की कापियां घर से जांचने के अधिकार मिले #संजय

मण्डलीय मंत्री संजय द्विवेदी ने कहा है कि कोविड-19 के चक्कर में बोर्ड परीक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नही हो रहा है, जिससे हाई स्कूल व इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम समय पर नही आ पायेगा। छात्र-छात्राओं के भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए शिक्षकों को घर ले जाकर उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन करने की छूट प्रदान की जाय। एंड्रायड फोन व इंटरनेट के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में आनलाइन क्लास चलाना सम्भव नही हो पायेगा। इन सबसे लाकडाउन को शर्तों व सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उलंघन होगा।

             द्विवेदी ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने 20 अप्रैल से बोर्ड परीक्षा के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कराने की बात कही है, जिसमें जोखिम बहुत है। उन्होंने सुझाव दिया कि उप नियंत्रक व प्रधान परीक्षकों के माध्यम से उपलब्ध उत्तर पुस्तिकाओं को समता के आधार पर जरूरी दिशा-निर्देशों के तहत सभी शिक्षकों को एलाट कर दिया जाय। शिक्षक निर्धारित समयानुसार मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका प्रधान परीक्षक के माध्यम से उप नियंत्रक के पास जमा कर देंगे।

          द्विवेदी ने कहा एंड्रायड फोन व इंटरनेट के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र के माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन क्लासेज चलाना आसान नही है। अनुभव के आधार पर कह सकता हूँ कि ग्रामीण परिवेश के 85 प्रतिशत अभिभावकों के पास इंटरनेट व एंड्रायड फोन नही है। खेती-किसानी के इस सीजन में गेंहू की कटाई में जुटे छात्र ऑनलाइन क्लास ज्वाइन करेंगे, यक्ष प्रश्न बनाकर खड़ा है। हम उसका पुरजोर विरोध करते हैं।

             उन्होंने बताया कि संतकबीरनगर में 2, बस्ती में 4 व सिद्धार्थनगर में 3 विद्यालयों को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है, जिसपर लगभग 5 हजार से अधिक शिक्षक मूल्यांकन के लिए लगाए गए हैं, उनके जीवन को जोखिम डालना उचित नही होगा।   इस दौरान शिक्षकों को भी कोविड-19 के लिए लागू 50 लाख के बीमा राशि से भी आच्छादित किया जाय।

 

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