नानक शाही मठ को उड़ाने की धमकी देनेवाला मो शरीफ लखनऊ मे गिरफ्तार

 अब अज्ञात ने लखनऊ के नानक शाही मठ को उड़ाने की चिट्ठी भेजी

  


मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ।


 अलीगंज नया हनुमान मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर व आरएसएस कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा पत्र भेजने वाला गिरफ्तार हो गया है। लेकिन उसके द्वारा भेजा गया पत्र अभी भी कई मंदिरों व धार्मिक स्थलों पर पहुंच रहे हैं। सोमवार को हसनगंज के खदरा स्थित नानक शाही मठ के महंत धर्मेंद्र दास को पत्र मिला। जिसकी भाषा व धमकी पुराने पत्रों जैसी ही थी। इस पत्र में भी भेजने वाले का नाम व पता पुराना ही दर्ज था। पत्र मिलने के बाद महंत ने हसनगंज पुलिस को सूचना दी। आनन-फानन में पुलिस टीम मौके पर पहुंची पूरी जानकारी हासिल की। इसके बाद पड़ताल शुरू कर दी।



प्रभारी निरीक्षक हसनगंज यशकांत सिंह के मुताबिक अलीगंज नया हनुमान मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर और नानक शाही मठ में भेजे गए पत्र की भाषा एक ही है। पत्र के बारे में जांच की जा रही है। मठ के महंत धर्मेंद्र दास ने बताया कि वह और मठ के महंत मनीषा नंद की कई दिनों से बाहर थे। पांच दिन पहले यह पत्र मठ के गो-सेवक विपिन को मिला था। पत्र रजिस्टर्ड डाक से आया था। पत्र में लिखा गया कि जिन मुजाहिदो को आपकी हुकूमत की ईन्तहाई फिरकापरस्त सोच की वजह से गिरफ्तार किया गया है। उन्हें फौरन रिहा कर दिया जाए। हमारी कौम से सब्र का इम्तिहान न लिया जाए। इसके अलावा लिखा गया कि शहर के प्रमुख मंदिरों और आरएसएस कार्यालय निशाने पर है।


15 अगस्त से एक दिन पहले पकड़े गए लोगों की रिहाई के लिए कहा गया। ऐसा न करने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई।पत्र के लिफाफे में भेजने वाले के नाम जोगिन्दर सिंह और पता खदरा दिया गया। पूर्व में मंदिरों और आरएसएस कार्यालय को मिले धमकी भरे पत्र के मामले में अलीगंज पुलिस ने दिल्ली निवासी शफीक को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उसके पास से पत्र की फोटो कापी भी बरामद की थी। एटीएस और खुफिया विभाग ने भी शफीक पूछताछ की थी। वह धार्मिक कट्टरपंथी था। मदसरों में रहा था। कई महिलाएं और लड़िकयां उससे जुड़ी थीं। वह उनका धर्मांतरण कराने की फिराक में था। मोबाइल का डाटा भी डिलीट कर दिया था। जिसे एटीएस ने रिकवर करने के लिए भेजा है। डाटा रिकवर होने के बाद कई और मामलोें की जानकारी हासिल होगी।



प्रभार निरीक्षक यशकांत सिंह के मुताबिक मठ बहुत ही संवेदनशील स्थान है। मठ की जमीन को कब्जे को लेकर कई बार पहले भी दो संप्रदायों में विवाद हो चुके हैं। इस लिए मठ की सुरक्षा में उच्चाधिकारियों के आदेश पर एक कंपनी पीएसी पहले से ही लगी है। पीएसी के जवान 24 घंटे यहां ड्यूटी देते हैं। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है। 

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