गोरखपर में मुख्यमंत्री के प्रयास से एक निजी विश्वविद्यालय अस्तित्व में. योगी होंगे कुलाधिपति

कौटिल्य वार्ता
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 गोरखपुर, उत्तरप्रदेश


एक और विश्वविद्यालय अस्तित्व में आ गया  है.प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, बालापार, गोरखपुर के कुलाधिपति बने हैं। इस निजी विश्वविद्यालय के कुलपति हैं मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी तथा प्रति कुलाधिपति प्रो. यूपी सिंह को बनाया गया है। विश्वविद्यालय के कार्य परिषद की पहली बैठक भी 24 जून को होगी।


दरअसल, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक आदर्श विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। इस विश्वविद्यालय में इसी सत्र से अध्यापन कार्य भी शुरू होने वाला है। विश्वविद्यालय कार्यसमिति का प्रस्तावित प्रारूप भी तैयार कर लिया गया है।

एमपी पीजी कॉलेज जंगल धुसड़ के प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार राव को कुलसचिव नियुक्त किया गया है। डॉक्टर राव ने बताया कि कार्यसमिति में आठ सदस्य हैं। कार्यसमिति की पहली बैठक 24 जून को दोपहर एक बजे से विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के सभागार में आयोजित किया गया है। बैठक की कार्यवृत्त शीघ्र ही सभी सम्मानित सदस्यों को भेज दी जाएगी।

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय की कार्य परिषद के सदस्य नामित

उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम-2019 के तहत महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्य धाम, सोनबरसा की कार्य परिषद सदस्य भी नामित कर दिए गए हैं। कार्य परिषद की अध्यक्षता कुलपति रिटायर्ड मेजर जनरल डॉ. अतुल बाजपेयी करेंगे। कुल सचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव कार्य परिषद के पदेन सचिव होंगे।  

सदस्यों में धर्माचार्या महंत योगी मिथिलेश नाथ, महाराणा प्रताप इंटर कालेज के पूर्व प्राचार्य रामजन्म सिंह, अधिवक्ता प्रमथ नाथ मिश्र, कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. सीएम सिन्हा, आयुर्वेदाचार्य डॉ. एसएन सिंह, गुरु श्रीगोरक्षनाथ कालेज आफ नर्सिंग की प्रधानाचार्य डॉ. डीएस अजीथा और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की शिक्षाशास्त्र विभाग की आचार्य प्रो. शोभा गौड़ शामिल हैं। उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव ब्रह्मदेव कार्य परिषद में बतौर सदस्य शासन के प्रतिनिधि होंगे।

इन पाठ्यक्रमों का होगा संचालन

बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीयूएमएस, बीडीएस, एमबीबीएस, बीफार्मा (आयुर्वेद व एलोपैथ), डीफार्मा (आयुर्वेद व एलोपैथ), बीएससी एलटी, बीए/बीएससी यौगिक साइंस, बीएससी एजी, बीए आनर्स, बीएससी आनर्स (मैथ व बायो), बीएससी कंप्यूटर, बीकाम, बीएड, बीएससी-बीएड, बीए-बीएड, बीपीएड, पैरा मेडिकल का सटफिकेट, बीसीए, बीबीए, डिप्लोमा और डिग्री कोर्स, शास्त्री आनर्स आदि।

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