प्रधानमंत्री ने आज चौरीचौरा शताब्दी वर्ष पर शहीदों को नमन कर साल भर के कार्यक्रमो का किया वर्चुअल श्रीगणेश

 


      गोरखपुर 4 फरवरी  चैरी चैरा शताब्दी समारोह का वर्चुअल शुभारम्भ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने

नई दिल्ली से किया। इस अवसर पर उन्होंने एक डाक टिकट का विमोचन भी किया। प्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल लखनऊ से वर्चुअल जुड़ी रही। चैरी चैरा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया जिसमें रामनवल, ओमप्रकाश, लाल किशुन, गुलाब, सावित्री, वीरेन्द्र, रामआशीष, मानसिंह यादव, हरिलाल, सौदागर अली, लल्लन, रामराज, मैनुद्दीन, सत्याचरण, दशरथ और राम नारायण त्रिपाठी के नाम है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने 100 दिव्यांग जनों को मोट्राइज्ड ट्राईसाइकिल वितरण किया तथा हरी झण्डी दिखाकर उन्हें रवाना किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर चैरी चैरा के शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित किया तथा संग्रहालय का भ्रमण कर वहां कराये जा रहे सौन्दर्यीकरण कार्य का जायजा लिया और वंदे मातरम समवेतिक राष्ट्रीय गीत में प्रतिभाग किया



     इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लिये बलिदान देने वाले स्वतत्रता संग्राम को एक नई दिशा देने वाले वीर शहीदो को नमन करता हूॅ। 100 वर्ष पहले चैरी चैरा में जो हुआ वह सिर्फ एक थाने में आगजनी की घटना सिर्फ नही थी बल्कि चैरी चैरा का संदेश बहुत बड़ा, व्यापक था, अनेक वजहो से पहले जब भी चैरी चैरा की बात हुई उसे एक मामुली आगजनी के सन्दर्भ में देखा गया लेकिन आगजनी किन परिस्थितियों में हुई क्या वजह थी उतनी ही महत्वपूर्ण है। आग थाने में नही लगी थी आग जन जन के दिलों में प्रज्वलित हो चुकी थी। चैरी चैरा संग्राम को आज देश के इतिहास में जो स्थान देने का प्रयास हो रहा है वह प्रशंसनीय है। इस कार्य के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी पुरी टीम को बधाई देता हुॅ।
    प्रधानमंत्री ने कहा कि आज चैरी चैरा की शताब्दी पर एक डाक टिकट भी जारी किया गया है। आज से शुरू हो रहे यह कार्यक्रम पुरे एक साल आयोजित किये जायेगे, इस दौरान चैरी चैरा के साथ ही हर गांव, क्षेत्र के वीर बलिदानियों को याद किया जायेगा, इस साल जब देश अपनी आजादी के 75वंे वर्ष में प्रवेश कर रहा है उस समय ऐसे समारोह का होना इसे और भी प्रासंगिक बना देता है। चैरी चैरा के शहीदों की जितनी चर्चा होनी चाहिए उतनी नही है, इस संग्राम के शहीदो, क्रान्तिकारियों को इतिहास के पन्नों में भले ही प्रमुखता से जगह न दी गयी हो लेकिन आजादी के लिये उनका खून देश की माटी में जरूर मिला हुआ है जो हमें हमेशा प्रेरणा देता रहता है।
    प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के आन्दोलन से संभवतः ऐसी कम ही घटनाएं होगी जिससे किसी एक घटना पर 19 स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी के फंदे पर लटका दिया गया था। अंगे्रजी हुकुमत तो सैकड़ों स्वतंत्रता सेनानियों को फंासी देने पर तुली हुई थी लेकिन बाबा राघव दास और महामना मदन मोहन मालवीय जी के प्रयासों से करीब 150 लोगो को फंासी से बचा लिया गया था। इस लिये आज का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इस पूरे अभियान से हमारे छात्र, छात्राये और युवाओं को प्रतियोगिता के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। हमारे युवा जो अध्ययन करेगें उसे उन्हे इतिहास की नई अनकहे पहलू पता चलेगे। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने भी आजादी के 75 साल पुरे होने पर युवा लेखकांे का स्वतंत्रता सेनानियों पर किताब लिखने और शोध पत्र लिखने के लिये आमंत्रित किया है
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि चैरी चैरा संग्राम की कितने ऐसे वीर सेनानी है जिनके जीवन को देश के सामने ला सकते है, चैरी चैरा शताब्दी के इन कार्यक्रमों को लेखन, कला, संस्कृति व आत्म निर्भरता से जोड़ने का प्रयास किया गया है, यह प्रयास भी स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति हमारी श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि चैरी चैरा शताब्दी महोत्सव में स्थानीय कला, संस्कृति एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि सामूहिक एकता की शक्ति आत्मनिर्भर भारत का मूल आधार है। कोरोना काल में भारत ने कई देशों को दवाइयां उपलब्ध करायी और विदेशों में रह रहे भारतीयों को स्वदेश लाया गया। भारत ने कोरोना वैक्सीन बनाया और मानव जीवन की रक्षा हेतु वैक्सीन अन्य देशों को भेज रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का पारित बजट देशवासियों पर कोई बोझ नही बढ़ाया है, बजट में गांव को सड़को, बाजार से जोड़ने, रेल, बस, पुल, रोजगार आदि पर खर्च करने का प्राविधान किया गया है, जब निर्माण पर खर्च होगा तो युवाओं को रोजगार उपलब्ध होने के साथ ही विकास का रास्ता खुलेगा। देश ने कोरोना काल में जिस तरह से इस महामारी से लड़ाई लड़ी और सफलता हासिल की उसकी चर्चा आज दुनिया में हो रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि क्रान्तिकारियों की धरती गोरखपुर विकास की ओर अग्रसर है, यहां का बन्द कारखाना चालू हो गया है तथा एम्स बन रहा है, मेडिकल कालेज, अस्पतालों में चिकित्सकीय व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है, इंसेफ्लाइटिस जैसी बीमारी को मुख्यमंत्री के प्रयास से नियंत्रित किया गया है जिसकी प्रशंसा सभी जगहों पर हो रही है। गोरखपुर से 8 शहरों के लिए फ्लाइट की सुविधा है, कुशीनगर में अन्र्तराष्ट्रीय एयरपोर्ट बन रहा है, बेहतर आवागमन के दृष्टिगत फोरलेन एवं सिक्सलेन का निर्माण हो रहा है।
      प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चैरी चैरा के शाताब्दी महोत्सव के शुभारम्भ अवसर पर अपने स्वागत सम्बोधन में कहा कि इस कार्यक्रम में भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में यह आयोजन हम सभी के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इस आयोजन हेतु महामहिम राज्यपाल की अध्यक्षता में आयोजन समिति का गठन किया गया है। यह महोत्सव हमारे लिए भारत माता के उन सभी बलिदानियों के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त करने का एक समारोह है। उन्होंने कहा कि हम सभी इन आयोजनों के माध्यम से स्वदेशी, स्वावलम्बन व स्वच्छता की ओर अग्रसर हो सकेंगे। चैरी-चैरा में देश की स्वाधीनता के लिए अमूल्य संघर्ष प्रारम्भ हुआ था, जिसमें पुलिस और स्थानीय जनता के बीच संघर्ष में तीन स्वतंत्रता सेनानी शहीद हो गए थे, इसके उपरांत 228 सेनानियों पर ब्रिटिश हुकूमत ने मुकदमा चलाया था, जिसमें 19 को मृत्युदंड, 14 को आजीवन कारावास दिया गया था, 57 को 5 वर्ष तथा 3 को 2 वर्ष की सजा हुई थी।
     मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश के प्रत्येक शहीद स्मारक पर पुलिस बैंड द्वारा राष्ट्रभक्ति के गीतों एवं दीपोत्सव का कार्यकम आयोजित करने का निर्णय लिया गया है तथा आज से प्रदेश के सभी शहीद स्मारकों व स्थलों पर 1857 से 1947 के बीच व स्वाधीनता के बाद भी विभिन्न युद्धों में देश की सीमाओं की रक्षा में शहीद हुए वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए अगले एक वर्ष तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएगे। उन्होंने कहा कि 4 फरवरी, 1922 को गोरखपुर स्थित चैरी-चैरा नामक स्थान पर एक ऐतिहासिक घटना हुई थी इससे ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ भारत के स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा मिली थी। इस शताब्दी महोत्सव का जो श्लोगोन जारी किया गया है वो ’स्वरक्तैः स्वराष्ट्रं रक्षेत्‘ अर्थात हम अपने रक्त से अपने राष्ट्र की रक्षा करते हैं यानी तेरा वैभव अमर रहे मां, हम रहें न रहें, का भाव लिए हुए है।
     शताब्दी वर्ष महोत्सव के शुभारम्भ के दौरान प्रधानमंत्री जी के सम्मुख संगीत नाटक एकेडमी के द्वारा चैरी चैरा थीम सांग का प्रस्तुतिकरण तथा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग द्वारा तैयार की गयी चैरी चैरा पर आधारित डाक्युमेन्ट्री फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागो की प्रदर्शनी/स्टाल भी लगाये गये है।
     इस अवसर पर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री/जनपद के प्रभारी मंत्री रमापति शास्त्री, प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम, सांसद कमलेश पासवान, राज्यसभा सांसद जय प्रकाश निषाद, विधायक चैरी चैरा संगीता यादव, पिपराइच महेन्द्रपाल सिंह, कैम्पियरगंज फतेह बहादुर सिंह, बासगांव विमलेश पासवान, विधायक ग्रामीण विपिन सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष डा0 धर्मेन्द्र सिंह, मण्डलायुक्त जयन्त नार्लिकर, जिलाधिकारी के0 विजयेन्द्र पाण्डियन आदि उपस्थित रहे। आभार ज्ञापन पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा0 नीलकंठ तिवारी ने किया।
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