परशुरामपुर में विकास में भ्र्ष्टाचार की जांच हेतु प्रतिनिधि मंडल कलक्टर से मिला !

कौटिल्य वार्ता
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विकास कार्यो में मनमानी का आरोपः जांच की मांग

बस्ती 
परसुरामपुर विकास खण्ड क्षेत्र के ठाकुरपुर निवासी गया प्रसाद ने  मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में जिलाधिकारी एवं अन्य सम्बंधित उच्चाधिकारियों को रजिस्टर्ड पत्र भेजकर ग्राम पंचायत ठाकुरपुर में कराये गये विकास कार्यो के मजिस्टेªटियल जांच कराते हुये सरकारी धन के दुरूपयोग की जांचए रिकवरी एवं दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग किया है।
भेजे पत्र में ठाकुरपुर निवासी गया प्रसाद ने कहा है कि ग्राम पंचायत ठाकुरपुर एवं पूर्व ग्राम पंचायत अरजानीपुर में पिछले तीस वर्षो से एक ही परिवार के हाथों में ग्राम  प्रधानी होने के कारण विकास कार्यो के क्रियान्वयन में बड़े पैमाने पर मनमानी कर लाखों रूपयों का बंदरबाट कर लिया गया है। पूर्व में अनेकों पत्र जांच हेतु दिये गये किन्तु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। समाज कल्याण अधिकारी की अध्यक्षता में दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराया गया किन्तु प्रमाणित साक्ष्य दिये जाने के बावजूद ग्राम प्रधान लाल बहादुर और सचिव रंजीतकुमार ने जांच अधिकारी से मिलकर मामलों पर लीपापोती करा दिया।
पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2006.07 में हयूम पाइप और भूमिगत नाली का जो निर्माण कराया गया था पुनः 2020 में उसका दोबारा भुगतान करा लिया गया। आवास  और शौचालय चहेतों जिसमें अनेक अपात्र है को ही दिये गये और अनेक पात्र उपेक्षित कर दिये गये। ग्राम पंचायत में दो तालाबों की खुदाई कराये बिना लाखों रूपयों का भुगतान ले लिया । 
ग्राम प्रधान और सचिव ने मिलकर विकास कार्यो में खुलकर बंदरबांट किया। निष्पक्ष जांच हो तो सच्चाई सामने आ जायेगी। यही नहीं ग्राम प्रधान ने अपने परिवार में  ही अनेक आवासए शौचालय आवंटित करा दिया। गया प्रसाद ने शपथ पत्र देकर        जिलाधिकारी से मांग किया है कि ग्राम पंचायत ठाकुरपुर में पिछले तीन दशक से निवर्तमान ग्राम प्रधान लालबहादुर के परिवार के कार्यकाल में कराये गये विकास कार्यो के मजिस्टेªटियल जांच कराते हुये सरकारी धन के दुरूपयोग की जांचए रिकवरी एवं दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराया जाय। .

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