*संविधान दिवस की शुभकामनाएं ,जयहो!!::डॉ राकेश मिश्र, नई दिल्ली

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*26 नवंबर 1949 को, संविधान समिति ने संविधान के प्रारूप को मंजूरी दी और 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू हुआ. प्रारंभ में संविधान की कोई मुद्रित प्रति उपलब्ध नहीं थी. दिल्ली के प्रेमबिहारी नारायण रायजादा ने अंग्रेजी में और हिंदी में वसंत वैद्य ने संकलन की जिम्मेदारी स्वीकार की.*



*प्रेमबिहारी रायजादा ने संविधान के 22 भागों, 395 लेखों और संविधान के 8 परिशिष्टों को बहुत ही सुंदर लिपि में लिखा. पहले पृष्ठ से अंतिम पृष्ठ तक लिखावट अद्भुत है. इसमें 254 बोतल स्याही और 303 nib वाले पेन लगे थे. इसके अलावा, प्रत्येक पृष्ठ पर, महान चित्रकार नंदलाल के नेतृत्व में शांतिनिकेतन के कलाकारों ने फ्रेम को उकेरा.*



*मूल पांडुलिपि के प्रत्येक भाग की शुरुआत में महान चित्रकार नंदलाल बोस ने भारतीय संस्कृति और इतिहास के साथ कुल 22 दृश्य खींचे हैं. नंदलाल बोस के चित्रों में मोहनजोदड़ो, सिंधु संस्कृति में वृषभ, वैदिक काल में गुरुकुल प्रणाली, रामायण में श्रीराम-लक्ष्मण-सीता-हनुमान, महाभारत में श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद, गौतम बुद्ध-महावीर के दर्शन, सम्राट विक्रम शामिल हैं. मराठा काल में छत्रपति शिवाजी महाराज, के अलावा, चोल परंपरा में नटराज की मूर्तियां, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई, गांधीजी की दांडी यात्रा, सुभाष चंद्र बोस, नालंदा विश्वविद्यालय आदि शामिल हैं.*

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